आष्टा के अलीपुर क्षेत्र में रविवार रात हुए पथराव और हिंसक उपद्रव ने पूरे शहर की नींद उड़ा दी। हालात इतने बिगड़े कि किसी भी पक्ष ने आगे आकर शिकायत दर्ज नहीं कराई। ऐसे में कानून की रक्षा का दायित्व निभाते हुए पुलिस खुद फरियादी बनी। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने स्वयं संज्ञान लेते हुए अज्ञात दंगाइयों के खिलाफ बलवा सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। अब शहर की शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार रविवार रात हरदा से लौटते समय करणी सेना के कुछ कार्यकर्ता आष्टा के अलीपुर क्षेत्र में वाहन रोककर पेशाब कर रहे थे। इस पर स्थानीय वर्ग विशेष के लोगों ने आपत्ति जताई। शुरू में हुई मामूली कहासुनी कुछ ही पलों में उग्र विवाद में बदल गई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और तनाव हरदा रोड से लेकर शहर के भीतर तक फैलता चला गया।
पथराव, तोड़फोड़ और दहशत का मंजर
विवाद बढ़ते ही अलीपुर, पुराना बस स्टैंड और भोपाल नाका क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील हो गए। दोनों ओर से जमकर पत्थर चले। उपद्रवियों ने पांच गाड़ियों में तोड़फोड़ की, सेंट्रल बैंक के एटीएम को निशाना बनाया और भोपाल नाका क्षेत्र में दो गुमटियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। रात करीब 9.30 बजे शुरू हुई हिंसा से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आम नागरिक सहम गए।
ये भी पढ़ें- भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले सीएम डॉ. मोहन यादव, दी बधाई
आंसू गैस और भारी बल से हालात काबू में
स्थिति बिगड़ती देख कलेक्टर के. बालागुरु, एसपी दीपक कुमार शुक्ला और एएसपी सुनीता रावत खुद मैदान में उतर आए। पुलिस को उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। सीहोर के साथ-साथ भोपाल और देवास से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। रात भर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस सड़कों पर डटे रहे, तब जाकर हालात काबू में आए।
सुबह बदला मंजर, बाजार खुले
सोमवार सुबह अलीपुर और आसपास के इलाकों में हालात सामान्य नजर आए। सड़कों पर पथराव के निशान जरूर थे, लेकिन दहशत नहीं दिखी। हाईवे पर लगा जाम देर रात ही खुलवा दिया गया था। सुबह से स्कूल और बाजार रोजाना की तरह खुले। कलेक्टर और एसपी ने शहर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
सीसीटीवी से होगी पहचान, अफवाहों से दूर रहने की अपील
एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने स्पष्ट किया कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। अज्ञात दंगाइयों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें। आष्टा में अब कानून का पहरा है और उपद्रवियों पर कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है।