मध्यप्रदेश के सागर जिले से गुजरने वाले NH 44 पर अज्ञात हथियार बंद लुटेरों द्वारा एक कंटेनर ड्राइवर को हथियारों की दम पर बंधक बनाकर कंटेनर का सामान लूटने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यह पूरी वारदात इस कंटेनर में लगे CCTV कैमरे में दर्ज हुई है। इस वारदात से जुड़ा हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है।
मिली जानकारी अनुसार यह घटना 16-17 सितंबर की दरमियानी रात की है, जिसकी रिपोर्ट पीड़ित पक्ष ने 17 सितंबर को सागर जिले के गौरझामर थाने में दर्ज कराई। वारदात का वीडियो 20 सितंबर को सामने आया है।
गुड़गांव से नागपुर के लिए निकला था कंटेनर
अमेजन कंपनी का सामान लोड कर यह कंटेनर गुड़गांव से नागपुर जा रहा था। यह कंटेनर नेशनल हाईवे-44 से गुजर रहा था। तभी लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपी कंटेनर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। इस लूट की घटना को अंजाम देकर अज्ञात लुटेरे ड्राइवर को कंटेनर में बांध कर उसे नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी में छोड़कर भाग गए। जैसे तैसे ड्राइवर ने खुद को छुड़ाया तथा इस घटना की सूचना मुंगवानी पुलिस स्टेशन में दी। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले को गौरझामर पुलिस को भेजा है। इस पूरी वारदात के दौरान कंटेनर के ड्राइवर को मारपीट के दौरान चोटें आई हैं।
ये भी पढ़ें- पुलिस चौकी के सामने चल रहा था मौत का खेल, खाद्य विभाग के छापे में हुआ पर्दाफाश
कंटेनर में लगा है GPS और CCTV
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार बिहार के रहने वाले ड्राइवर दीपचंद अवध पटेल ने बताया कि वह गुड़गांव की एसएस लॉजिस्टिक कंपनी में नौकरी करता है। 16 सितंबर की सुबह 4 बजे वह अमेजन कंपनी का माल कंटेनर में भरकर नागपुर के लिए निकला था। गाड़ी में जीपीएस और सामने की ओर सीसीटीवी कैमरा लगा है, जिसका एक्सेस कंपनी के पास है।
अपने सफर के दौरान दिनांक 16-17 सितंबर की दरमियानी रात करीब 2 बजे ग्राम सिलारपुर में दीपचंद के कंटेनर के आगे चल रहे एक कंटेनर ने अचानक ब्रेक लगा दिया। उसे गाड़ी रोकनी पड़ी। तभी सामने वाले कंटेनर से चार लोग बाहर निकले और दीपचंद के कंटेनर में चढ़ गए। लुटेरों ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और बंदूक दिखाकर धमकाया। उससे मारपीट की और मोबाइल छीन लिया। इसके बाद यह कंटेनर लुटेरे चलाते रहे तथा रास्ते में दो जगह रुक कर कटर मशीन से केबिन के अंदर की चद्दर काटी और गाड़ी में रखा माल दूसरे कंटेनर में शिफ्ट कर लिया। ड्राइवर ने बताया कि उसे नहीं पता कि कितना सामान चोरी किया गया है। यह जानकारी कंपनी द्वारा जांच के बाद सामने आ पाएगी।