सागर जिले की सुरखी विधानसभा के छोटे से गांव खमकुआ के रहने वाले यशपाल स्वर्णकार ने एमपीएससी परीक्षा 2023 में प्रदेश स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। परीक्षा का परिणाम आने के बाद जब वे अपने गांव पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत किया गया। यशपाल खुली कार में लोगों का अभिवादन करते हुए नजर आए। उन्होंने सड़क पर ही अपने परिजनों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
पिता करते है खेती किसानी
यशपाल के पिता रामनरेश स्वर्णकार एक किसान हैं। उनका पैतृक गांव खमकुआ है, जहां परिवार की खेती-बाड़ी है। वर्तमान में परिवार सुरखी में निवास करता है। यशपाल की प्राथमिक शिक्षा खमकुआ के स्कूल में हुई, जबकि कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने शासकीय कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सुरखी से पूरी की। यशपाल ने बताया कि गांव से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। पांच प्रयासों के बाद उन्हें ये सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि युवा उम्मीद कभी न छोड़ें। धैर्य और लगन से आगे बढ़ें, प्रतिफल अवश्य मिलेगा। अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें।
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सरकारी नौकरी करने वाले परिवार में पहले
यशपाल स्वर्णकार अभी आडिट सेवा में हैं। वह साल 2021 में भी इस परीक्षा में चयनित हुए थे। फिर वह 2022 में जीएसटी इंस्पेक्टर पर चयनित हुए। यह उनका तीसरा चयन है। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास से यह हुआ है।यशपाल अपने परिवार में पहले सदस्य हैं जिन्होंने सरकारी नौकरी हासिल की है।
यशपाल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से की थी। उन्होंने बताया बीएससी करने के बाद साल 2019 में एमपीपीएससी की तैयारी शुरू की थी। प्री व मेंस क्लीयर होने के बाद इंटरव्यू भी दिए। उनके पिता नरेश स्वर्णकार खेती करते हैं। वे दो भाई, दो बहन हैं। इसमें यशपाल सबसे छोटे हैं। परिवार ने उन्हें पढ़ाई के लिए इंदौर भेजा था। जहां रहकर तैयारी की।