मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में बोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कड़िया, गुलखेड़ी और हुलखेड़ी गांव अपराध की ट्रेनिंग देने के लिए प्रसिद्ध है। बताया जाता है कि यहां के कथित ग्रामीण पहले नाबालिग बच्चों को चोरी की ट्रेनिंग देते है और फिर देश के अलग अलग राज्यों में उन्हें टारगेट भी सौंपे जाते है, जिस कारण देश के अलग अलग राज्यों की पुलिस का यहां आना जाना लगा रहता है।
लेकिन पिछले दो माह से इन गांवों के शिक्षित और शासकीय कर्मचारियों ने राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा के समर्थन से गांव में एक नई पहल शुरू की है। जिसके माध्यम से यहां के शिक्षित ग्रामीण, शासकीय कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मिलकर सामाजिक सुधार और समाज को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रति रविवार बैठक आयोजित करते हैं। जिसमे स्थानीय पुलिस भी शामिल होती है। जहां ये लोग बुरे कामों को छोड़कर अच्छे कामों की तरफ लौटने के लिए मंथन करते है और उसमें पुलिस वा प्रशासन इनकी क्या मदद कर सकता है। इस बात पर प्रकाश डालते है।
उसी क्रम में 23 फरवरी 2025 रविवार को कड़िया गांव के वैष्णो देवी मंदिर परिसर में विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें सांसी समाज के शासकीय कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष सचिन भानेरिया, तीनों गांव के सरपंच वा उपसरपंच सहित बोड़ा थाना प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा भी शामिल हुए। उक्त बैठक में मौजूदा लोगों ने समाज में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत पूर्व में अपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने वाले लोगों के लिए सम्मानजनक जीवन यापन करने की इच्छा जताई और उसके लिए उन्हें हो रही कठिनाइयों से भी थाना प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा को अवगत कराते हुए वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की मांग की गई।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों के मुताबिक उनके द्वारा गांवों में डोर टू डोर जाकर आपराधिक प्रवृत्ति में लिप्त फरार लोगों को समझाइश देकर सरेंडर कराया जाएगा, ताकि उन्हें भी शासन से राहत मिल सके। वहीं ग्रामीणों की ये मांग भी है कि गांव के शिक्षित युवा बेरोजगार घूम रहे है, जिन्हें भी किसी न किसी माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाए ताकि वे भी आगे चलकर अपराध की और अग्रसर न हो। इसके साथ ही ग्रामीणों की ये भी मांग है कि गांवों के ब्लैकलिस्ट होने के कारण गोल्ड लोन पर रोक लगाई गई है, जिसे जल्द से जल्द हटवाया जाए ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करके अपना सम्मानजनक व्यवसाय प्रारंभ कर सके।
वहीं उक्त पूरे मामले को लेकर बैठक में मौजूद बोड़ा थाना प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि गांव के लोगों ने हमसे कहा है कि उनके गांव में अपराधिक प्रवृत्ति में लिप्त जो भी लोग फरार हैं, वे उन्हें जल्द से जल्द सरेंडर कराएंगे और प्रशासन की तरफ से जो भी मदद उन्हें मिलेगी वो हम उन्हें दिलवाएंगे। गांव के काफी लोगों ने कसमें भी खाई है कि वो आइंदा चोरी नहीं करेंगे। इनकी मांग है कि इन्हें झूठे केस में न फसाया जाए, जिसमें हमने इन्हें आश्वस्त किया है कि पुलिस किसी का नाम नहीं लिखेगी और ये लोग भी आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की मदद नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें सरेंडर करवाकर पुलिस के हवाले करेंगे।