राजगढ़ जिला मुख्यालय के बायपास रोड पर स्थित अंजनीलाल मंदिर में माता के आभूषण चोरी होने के मामले का गुरुवार शाम को राजगढ़ एडिशनल एसपी आलोक कुमार शर्मा ने खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शातिर चोरों ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद होने से बचने के लिए पोस्टर का सहारा लिया था। ऐसे में कोतवाली पुलिस की टीम ने शहर में लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे चोरी गए आभूषण बरामद किए हैं।
दरअसल, 24-25 नवंबर की दरमियानी रात को अज्ञात चोर बायपास रोड पर स्थित अंजनीलाल मंदिर में पार्वती माता की प्रतिमा पर चढ़े हुए आभूषण चुराकर ले गए थे। इन आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 25,000 रुपये आंकी गई थी। इस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ नकबजनी और चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी, क्योंकि चोरों ने कैमरों से बचने के लिए आरती के बैनर और पोस्टर की आड़ में वारदात को अंजाम दिया था। इस वजह से पुलिस के लिए इस चोरी का खुलासा करना काफी कठिन हो गया था। लेकिन, घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया।
एडिशनल एसपी आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि घटना के दिन से ही पुलिस टीम मामले जांच में जुट गई थी। शहर में लगे 100 से अधिक कैमरों की जांच के बाद दो संदिग्ध चोरों को ट्रेस किया गया। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। आरोपियों के नाम अशरफ और राजू हैं। इनके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण बरामद कर लिए गए हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।