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Khandwa: ओंकारेश्वर में कुटुंब प्रबोधन की बैठक, RSS प्रमुख भागवत बोले- पूरा विश्व शरीर और भारत उसकी आत्मा

Sun, 05 Jan 2025 08:12 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

ओंकारेश्वर में नर्मदा किनारे स्थित मार्कण्डेय आश्रम पर तीन दिवसीय कुटुंब प्रबोधन गतिविधि की अखिल भारतीय बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारत माता के पूजन को देश के जन, जमीन, जंगल, जल और जीव-जंतुओं की सेवा और संरक्षण से जोड़ते हुए समाज सेवा का आह्वान किया।

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कुटुंब प्रबोधन गतिविधि में शामिल होने ओंकारेश्वर पहुंचे आरएसएस प्रमुख भागवत - फोटो : अमर उजाला
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मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर के नर्मदा किनारे स्थित मार्कण्डेय आश्रम पर चल रही कुटुंब प्रबोधन गतिविधि की अखिल भारतीय बैठक का रविवार को अंतिम दिन रहा। इसकी शुरुआत भारत माता के पूजन से हुई। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारत माता एवं आदिशंकाराचार्य जी का पूजन किया। उसके बाद भारत माता पूजन के महत्व और उद्देश्य को बताते हुए भागवत ने कहा कि भारत भूमि हमारा पालन-पोषण, संरक्षण और संवर्धन करती है और इसमे जन्म लेने वाले प्रत्येक जन में सेवा का स्वाभाविक संस्कार है। भारत माता का पूजन मतलब भारत में रहने वाले जन, जमीन, जंगल, जल और जानवरों की सेवा और सुरक्षा करना है। साथ ही पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण और संवर्धन भारत माता के पूजन से मिलने वाली प्रेरणा है। यह पूरा विश्व एक देह है और उसकी आत्मा हमारा भारत देश है।

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इसके साथ ही नर्मदा आरती के बाद हुए भारत माता पूजन में मोहन भागवत ने एकांत में अध्यात्म साधना और लोकान्त में समाज सेवा का आह्वान भी किया। गृहस्थ आश्रम को धर्म की धुरी बताते हुए कहा कि जो जिस भी स्थित में हो उसे समाज की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। जिस प्रकार गरूड़ ने माता की सेवा से देवता का वाहन बनने का आशीर्वाद पाया, उसी प्रकार हम भी भारत माता की सेवा के आशीर्वाद से धर्म के वाहक बनने में समर्थ हों।

बता दें कि कुटुंब प्रबोधन गतिविधि की अखिल भारतीय बैठक में बीते तीन दिनों से समर्थ कुटुंब व्यवस्था को लेकर विभिन्न प्रकार के विषयों पर चर्चा हुई। उसके अंतर्गत बताया गया कि सृष्टि की सबसे अनुपम रचनाओं में एक भारतीय परिवार की रचना है। भारतीय परिवारों को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्य कुटुंब प्रबोधन गतिविधि द्वारा किए जाते हैं। कुटुंब मित्रों का परिवारों में आना जाना, परिवारों से सकारात्मक चर्चा करना, ऐसे कई अलग-अलग क्रियाकलापों द्वारा कुटुंब व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का काम किया जाता है।
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बताया 6 प्रकार के 'भ' पर काम करना
कुटुंब प्रबोधन गतिविधि द्वारा परिवार को मजबूत बनाए रखने के लिये छ: प्रकार के 'भ' पर काम करने के लिए बताया कि जिसमें भोजन, भजन, भाषा, भूषा, भ्रमण और भवन इन सभी बातों को लेकर प्रत्येक परिवार को काम करना होगा। साथ ही साथ आज के वर्तमान समय में बच्चों में जो विकृति दिखाई देती है, उसका सबसे बड़ा कारण मोबाइल का बड़ी मात्रा में उपयोग ध्यान में आता है। उसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार में आपसी संवाद बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे घर के बच्चे अपने मन की बात बोले सकें और निश्चित ही परिवार के वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।

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