खंडवा नगर के शकर तालाब क्षेत्र के लगभग 350 से अधिक घरों में इन दिनों मातम पसरा पड़ा है। दरअसल इन सभी घरों को तोड़ने के नोटिस स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं। इसके बाद से ही मजदूर तबके के इन घरों में रहने वाले लोगों का खाना-पीना तक छूट गया है। अब ये सभी किसी भी तरह से अपने घर को बचाने की जुगत में सरकारी ऑफिसों के चक्कर काट रहे हैं।
बता दें कि, यह करीब 30 सालों से भी अधिक पुरानी रहवासी बस्ती है, जो कि नजूल की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर अब तक आबाद थी। वहीं इनमें से कुछ को प्रशासन द्वारा पट्टे भी जारी किए गए थे। इधर अमर उजाला से हुई बातचीत में पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वादे पर भरोसा करते हुए यहां मकान बनाए थे। इसमें पूर्व सीएम ने कहा था कि साल 2020 की स्थिति में वर्ष 2014 तक जो परिवार जहां शासकीय भूमि पर रह रहा है, उसे वहां का पट्टा दे दिया जाएगा। बावजूद इसके इनमें से अधिकतर को अब तक पट्टे जारी नहीं किए गए हैं, और अब बुलडोजर चलाकर यहां से भी हटाया जा रहा है।
खंडवा शहर के वार्ड क्रमांक 39 महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड एवं वार्ड क्रमांक 46 महात्मा गांधी वार्ड के अंतर्गत आने वाले शकर तालाब क्षेत्र में, रहने वाले करीब 350 से अधिक परिवारों को स्थानीय निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकतर बेरोजगार और मजदूर परिवारों से जुड़े इन लोगों पर अब रोजी-रोटी के साथ ही मकान का संकट भी आन पड़ा है। इसको लेकर यहां के रहवासियों की आंखों में आंसुओं के रूप में झलकता दर्द साफ देखा जा रहा है। अमर उजाला के कैमरे के सामने अपनी पीड़ा बताते हुए यहां के रहवासियों ने बताया कि उनके पास साल 1995 से यहां रहने के प्रमाण मौजूद हैं। इनमें निगम टैक्स के रसीदें और बिजली के बिल सहित यहां की वोटर लिस्ट में भी उनके नाम दर्ज हैं।
पीड़ितों का कहना है कि चुनाव के पहले पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के शासकीय जमीन पर रहने वालों को पट्टा दिए जाने के वादे पर भरोसा करते हुए जैसे तैसे उन लोगों ने अपना घर बनाया था। जिसे अब निगम द्वारा बुलडोजर से ढहाने की बात की जा रही है। ऐसे में जहां वे अपने बच्चों का ठीक से पालन नहीं कर पा रहे हैं, तो नई जगह जाकर नया घर किस तरह से बना पाएंगे। उन्हें पूर्व सीएम की घोषणा अनुसार इसी जमीन का पट्टा दिया जाना चाहिए। इधर इस मामले में खंडवा एसडीएम बजरंग सिंह बहादुर का कहना है कि वह जमीन शकर तालाब क्षेत्र की है। जहां इतने बड़े तालाब क्षेत्र में अब ठीक से एक गड्ढा भी नजर नहीं आता है। वहां कई असामाजिक तत्वों ने अतिक्रमण कर रखे हैं, जिन्हें नियम अनुसार ही हटाया जा रहा है।
शकर तालाब क्षेत्र में 350 से अधिक घरों को तोड़ने के लिए जारी हुए नोटिस- फोटो : credit