इंदौर में उद्योगपति प्रवेश अग्रवाल की अपने ही पेंट हाउस में दम घुटने से मौत हो गई। वे अपनी बेटी को कमरे से बचाने गए थे, लेकिन खुद कमरे से बाहर नहीं निकल पाए। जब पुलिस जवान पेंट हाउस में पहुंचे तो उन्हें हाईटेक लाॅक खोलने में भी परेशानी आई,क्योकि आग के कारण बिजली गुल हो गई थी। दरवाजे पर डोर कैमरे व फिंगरप्रिंट लाॅक थे। जैसे-तैसे ताला तोड़कर प्रवेश को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पेंटा हाउस में कम खिड़कियां थी, इसलिए धुएं को निकले के पर्याप्त जगह नहीं मिली। इस कारण भी हादसे ने भयावह रुप ले लिया।
दरअसल प्रवेश ने अपने आटोमोबाइल के शोरुम के उपर ही पेंट हाउस रहने के लिए बनवाया था। उसका इंटीरियर इस तरह किया गया था कि पेंट हाउस भी शोरुम का हिस्सा लगे। इसके लिए मोटे कांच का इस्तेमाल ज्यादा किया गया था। जो सेंट्रल एसी शोरुम के लिए था, उससे ही पेंट हाउस को भी जोड़ा गया था। इस कारण ज्यादातर समय खिड़कियां बंद रहती थी। इस कारण आग लगते ही सभी कमरों में धुआं भर गया था।