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हरदा पटाखा फैक्टरी हादसा: दो साल बाद भी मुआवजा और पुनर्वास का इंतजार, पीड़ितों का दर्द बरकरार; जानें

Sun, 08 Feb 2026 05:11 PM IST
हरदा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा

हरदा शहर के बैरागढ़ क्षेत्र में 6 फरवरी 2024 को हुए भीषण पटाखा फैक्टरी हादसे को अब लगभग दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन पीड़ित परिवारों के जख्म आज भी हरे हैं। इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति आज भी लापता है। हादसे ने बैरागढ़ क्षेत्र के कई परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। आज भी बैरागढ़ इलाके में कई मकान खंडहर के रूप में खड़े हैं, जो उस भयावह त्रासदी की गवाही देते हैं। हादसे के बाद शासन-प्रशासन ने राहत, मुआवजा और पुनर्वास का भरोसा दिलाया था, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि कई गंभीर घायलों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है। हादसे में घायल कई लोग लंबे समय तक इलाजरत रहे, वहीं कुछ स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए। इसके बावजूद पीड़ित परिवारों को सहायता राशि के लिए आज भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पीड़ितों के अनुसार मामला वर्तमान में एनजीटी कोर्ट भोपाल में विचाराधीन है, जिसके चलते कई महत्वपूर्ण फैसले लंबित हैं।

पढे़ं:  तेज रफ्तार रेत से भरे ट्रक ने शिक्षक को कुचला, मौके पर मौत; चालक ट्रक छोड़कर हुआ फरार सबसे बड़ी चिंता पुनर्वास को लेकर है। जिन परिवारों के घर पूरी तरह तबाह हो गए थे, वे आज भी स्थायी आवास से वंचित हैं। जानकारी के मुताबिक कुछ परिवार पिछले दो वर्षों से आईटीआई कॉलेज परिसर में अस्थायी रूप से रह रहे हैं, जबकि कई परिवार ग्राम पंचायत भवन बैरागढ़ में रहने को मजबूर हैं। पीड़ितों का कहना है कि शुरुआत में कुछ समय तक राहत सामग्री और आर्थिक सहायता जरूर मिली, लेकिन इसके बाद शासन की ओर से कोई ठोस मदद नहीं मिली। इससे उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। दो साल बाद भी हादसे की भयावह यादें लोगों के दिलों में ताजा हैं। पटाखा फैक्टरी ब्लास्ट का नाम सुनते ही कई परिवारों की आंखें भर आती हैं। पीड़ित परिवारों की एक ही मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द स्थायी आवास और उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं इस मामले में आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं।

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