दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर भी जब घरों में पानी नहीं पहुंचा तो नगर के वार्ड क्रमांक 15 की महिलाओं का सब्र टूट गया। नाराज महिलाओं ने रविवार को नगर परिषद के मुख्य फिल्टर प्लांट पहुंचकर वहां के गेट में ताला जड़ दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि बीते कई दिनों से उनके वार्ड में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद ने कोई समाधान नहीं किया।
महिलाओं ने बताया कि त्योहार के समय घरों की सफाई, पुताई और पूजन की तैयारी के लिए पानी की जरूरत बढ़ जाती है, लेकिन नल सूखे पड़े हैं। कई घरों में तो पिछले तीन दिनों से एक बूंद पानी नहीं आया। महिलाएं बाल्टी, डिब्बे और बर्तन लेकर फिल्टर प्लांट पहुंचीं और वहीं धरने पर बैठ गईं। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से तुरंत पानी की सप्लाई बहाल करने की मांग की।
सूचना मिलते ही नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। CMO ने बताया कि तकनीकी कारणों से कुछ वार्डों में जलापूर्ति बाधित हुई है, लेकिन अब व्यवस्था को ठीक कर दिया गया है। उन्होंने वार्ड नंबर 15 में रोजाना नियमित पानी देने का आश्वासन दिया। CMO के आश्वासन के बाद महिलाओं ने धरना खत्म किया और फिल्टर प्लांट का गेट खोला। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर अब भी पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करेंगी।
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वार्ड की निवासी प्रमिला बाई ने कहा कि हर बार त्यौहारों पर यही हाल रहता है। अधिकारियों से बार-बार कहते हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। मजबूरी में आज हमें यह कदम उठाना पड़ा। वहीं दूसरी महिला सावित्री बाई ने कहा कि दीपावली में सफाई और पूजा के लिए पानी नहीं मिल रहा था। छोटे-छोटे बच्चे प्यासे हैं, इसलिए हम सबको मिलकर गेट बंद करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड नंबर 15 में पानी की समस्या कई महीनों से बनी हुई है। कई बार सप्लाई एक दिन छोड़कर दी जाती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। नगर परिषद द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद अब उम्मीद है कि वार्ड में नियमित जलापूर्ति बहाल होगी। त्योहार के मौके पर महिलाओं का यह विरोध प्रशासन के लिए एक बड़ा संदेश है कि मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोगों का कहना है कि अगर समय पर पानी न मिला तो नगर परिषद के खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।