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Datia News: 'पकड़ो मेरा कॉलर और मारो थप्पड़', दतिया के सरकारी दफ्तर में RTI पर हाईवोल्टेज ड्रामा, वीडियो वायरल

Tue, 12 May 2026 03:01 PM IST
दतिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यालय अचानक विवाद और हंगामे का केंद्र बन गया। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी को लेकर शुरू हुआ मामला उस समय हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया, जब अधिवक्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट शंभू गोस्वामी 1.66 लाख रुपये नकद लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय के चेंबर में पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि सरकारी कार्यालय की मर्यादा भी टूटती नजर आई। 83 हजार पन्नों की जानकारी मांगी थी दरअसल, अधिवक्ता शंभू गोस्वामी ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत पिछले 10 वर्षों में विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों, खर्च की गई राशि के बिल-वाउचर और आवक-जावक रजिस्टर की प्रतियां मांगी थीं। विभाग की ओर से जवाब दिया गया कि मांगी गई जानकारी करीब 83 हजार पन्नों में है। विभाग ने प्रति पेज 2 रुपये के हिसाब से फोटोकॉपी शुल्क बताते हुए कुल 1 लाख 66 हजार रुपये जमा कराने को कहा। बैग में नकदी लेकर पहुंचे एक्टिविस्ट विभाग को शायद उम्मीद थी कि इतनी बड़ी राशि सुनकर आवेदक पीछे हट जाएगा, लेकिन मंगलवार दोपहर शंभू गोस्वामी बैग में 1.66 लाख रुपये नकद लेकर सीधे जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने राशि जमा कर जानकारी देने की मांग की। हालांकि जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय ने नकद राशि लेने से इनकार कर दिया। “पकड़ो मेरा कॉलर… थप्पड़ मारो” अरविंद उपाध्याय ने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार आरटीआई की राशि चालान के जरिए ट्रेजरी में जमा होती है, सीधे नकद नहीं ली जा सकती। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस के दौरान डीपीओ अरविंद उपाध्याय गुस्से में अपनी कुर्सी से उठे और कॉलर आगे करते हुए बोले, “अगर मैं गलत हूं, जानकारी नहीं दे रहा हूं तो पकड़ो मेरा कॉलर… थप्पड़ मारो।” वहीं शंभू गोस्वामी लगातार विभाग पर भ्रष्टाचार और जानकारी छिपाने के आरोप लगाते रहे। ये भी पढ़ें-  बिल्डर के घर में बमबाजी, लगातार दो बम फेंके फिर कार पर किया जमकर पथराव, इस बात से थे नाराज वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर चर्चा पूरे घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने लिखा कि “दतिया में फाइलें कम और लाइव शो ज्यादा चल रहा है।” वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। डीपीओ ने दी सफाई जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा, “मैं अपने चेंबर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अटेंड कर रहा था। तभी अधिवक्ता शंभू गोस्वामी 1.66 लाख रुपये लेकर पहुंचे और शोर मचाने लगे। उन्हें समझाया गया कि आरटीआई की राशि चालान के माध्यम से जमा होती है, सीधे नकद नहीं ली जाती। लेकिन वे नहीं माने और हंगामा करने लगे। मैंने सिर्फ इतना कहा कि अगर आपको लगता है कि मैं गलत हूं तो कानूनी कार्रवाई करिए।” एक्टिविस्ट ने लगाए गंभीर आरोप वहीं अधिवक्ता शंभू गोस्वामी का आरोप है कि विभाग जानबूझकर इतनी बड़ी राशि बताकर सूचना देने से बचना चाहता है। उन्होंने कहा, “जब मैं नियम के तहत राशि लेकर पहुंचा तो नकद लेने से मना कर दिया गया। यह पारदर्शिता की हत्या है। विभाग में बड़े स्तर पर गड़बड़ी है, जिसे छिपाने की कोशिश हो रही है। मामला बढ़ने और वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आरटीआई आवेदनों का समय पर और नियमानुसार निराकरण किया जाए।

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