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Damoh: बांदकपुर जागेश्वरनाथ धाम में 100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य कॉरिडोर, 9 मई को सीएम करेंगे भूमिपूजन

Sun, 27 Apr 2025 08:56 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

दमोह जिले के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र जागेश्वरनाथ धाम, बांदकपुर में अब महाकाल लोक उज्जैन की तर्ज पर भव्य कॉरिडोर का निर्माण होने जा रहा है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 मई को करेंगे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर शनिवार शाम संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी तथा पशुपालन व डेयरी विकास राज्यमंत्री लखन पटेल की मौजूदगी में त्रयंबकेश्वर विश्राम भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने आगमन और भूमिपूजन कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने जानकारी दी कि बांदकपुर कॉरिडोर की लंबे समय से मांग थी। इसका पहला चरण शुरू करने के लिए टेंडर हो चुका है और मुख्यमंत्री 9 मई को इस पहले चरण के तहत भूमिपूजन करेंगे। भूमिपूजन के बाद कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा। पांच चरणों में बनेगा कॉरिडोर
मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर निर्माण कार्य पांच चरणों में पूरा किया जाएगा। हालांकि मंदिर परिसर में मौजूद अतिक्रमणों के चलते फिलहाल पूरा कार्य एक साथ नहीं हो सकेगा। निर्माण की शुरुआत मंदिर के भीतरी क्षेत्र से होगी।

पढ़ें: बुधनी के मिडघाट रेलवे पुलिया के नीचे मिला तेंदुए का शव, वन विभाग की टीम खोज रही मौत का कारण प्रथम चरण में प्रवेश द्वार और सड़क निर्माण का कार्य किया जाएगा। इसके लिए 15 सदस्यीय टीम ने स्थल का निरीक्षण कर लिया है। अधिकारी दिलीप ने बताया कि पहले चरण के कार्य हेतु वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है और लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत से यह कार्य होगा। अतिक्रमण बना चुनौती
कॉरिडोर निर्माण में सबसे बड़ी बाधा अतिक्रमण है। दो वर्ष पूर्व राजस्व विभाग ने मंदिर परिसर में 272 अतिक्रमण चिन्हित किए थे और दुकानदारों को नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई के अभाव में अतिक्रमण अब भी कायम हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में स्थित संस्कृत विद्यालय की बिल्डिंग भी निर्माण कार्य में बाधा बन रही है। पर्यटन विभाग इस बिल्डिंग को हटाना चाहता है, लेकिन मंदिर कमेटी इसके पक्ष में नहीं है। कमेटी का कहना है कि पहले नई बिल्डिंग बनाकर दी जाए, तभी पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जाए। मंदिर कमेटी के सदस्य पंकज हर्ष श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि संस्कृत विद्यालय के संचालन को प्रभावित नहीं किया जा सकता। सभी समस्याओं का समाधान प्रक्रिया के तहत होगा
पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि निर्माण कार्य से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। 9 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के करकमलों से भूमि पूजन के बाद कार्य की विधिवत शुरुआत होगी।

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