शनिवार से जारी तेज बारिश ने अनूपपुर जिले में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। राजेंद्रग्राम के समीप शहडोल-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर स्थित गिजरी नाले में पानी बढ़ने से सड़क पर आवागमन बंद करना पड़ा। शनिवार रात करीब 12 बजे से रविवार दोपहर 12.30 बजे तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। इससे नाले के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्री घंटों फंसे रहे।
सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती
नाले में पानी का बहाव बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल दोनों छोर पर बैरिकेड लगाकर आवागमन रोक दिया। किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण वाहन चालकों को नाला पार करने की अनुमति नहीं दी गई। रविवार दोपहर तक बाढ़ की स्थिति बनी रहने से यात्रियों की परेशानी बरकरार रही।
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अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालु भी अटके
सावन के महीने में अमरकंटक में दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग बंद होने से अमरकंटक जाने और वहां से लौटने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। शहडोल, राजेंद्रग्राम और अमरकंटक के बीच प्रतिदिन आवागमन करने वाले स्थानीय लोग भी मार्ग बंद होने से प्रभावित हुए। राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह बरकड़े ने बताया कि नाले में पानी अधिक होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन रोका गया है। दोनों तरफ बैरिकेड लगाए गए हैं और पुलिस बल तैनात है। पानी का बहाव सामान्य होने के बाद ही वाहनों को आगे जाने दिया जाएगा।
विधायक ने उठाया पुल की ऊंचाई का मुद्दा
पुष्पराजगढ़ विधायक फुदेलाल सिंह ने गिजरी नाले के पुल को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एमपीआरडीसी का पुल काफी नीचा है, जिसके कारण सामान्य से अधिक बारिश होते ही पुल पर पानी आ जाता है और यातायात रोकना पड़ता है। अमरकंटक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल होने के कारण इस मार्ग पर वर्षभर बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है।
विधायक ने बताया कि पुल के स्थान पर नए और ऊंचे पुल के निर्माण को लेकर वे कई वर्षों से एमपीआरडीसी अधिकारियों से पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह पुल कई दशक पुराना है और वर्तमान यातायात तथा सुरक्षा की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि शासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते नए पुल का निर्माण कराना चाहिए।