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Anuppur: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय में असम के छात्र के साथ मारपीट, पांच छात्र सस्पेंड

Fri, 16 Jan 2026 07:49 PM IST
अनूपपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू) में असम के छात्र हीरोस ज्योति दास के साथ मारपीट के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद दोषी पाए गए पांच छात्रों को विश्वविद्यालय से सस्पेंड कर दिया गया।

क्या है मामला?  
12 जनवरी की मध्य रात्रि, गुरु गोविंद सिंह छात्रावास में हीरोस ज्योति दास अपने कमरे में बैठे थे। इसी दौरान चार-पांच अन्य छात्र वहां पहुंचे। उन्होंने पहले छात्र का नाम और पढ़ाई की कक्षा पूछी, फिर गाली-गलौज करते हुए उस पर हमला कर दिया। इस मारपीट में छात्र के नाक और आंख में गंभीर चोटें आईं। जांच के बाद विश्वविद्यालय ने छात्र अनुराग पांडे, जतिन सिंह, रजनीश त्रिपाठी, विशाल यादव और उत्कर्ष सिंह को दोषी मानते हुए निष्कासित किया।

पुलिस में दर्ज हुआ मामला
विश्वविद्यालय की रिपोर्ट के आधार पर अमरकंटक पुलिस ने सभी दोषियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 296, 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

छात्र परिषद ने उठाए गंभीर आरोप
घटना के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक अमरकंटक को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय में बढ़ती असुरक्षा और बाहरी असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर चिंता जताई। परिषद ने आरोप लगाया कि परिसर में गुटबाजी और हिंसक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, और विश्वविद्यालय प्रशासन पिछली कई शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। एबीवीपी जिला संयोजक प्रणव मिश्रा ने कहा, 'विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र है, जहां छात्रों के लिए सुरक्षित और शांति पूर्ण माहौल होना चाहिए। लगातार हो रही घटनाओं से छात्र भयभीत हैं और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।'

ज्ञापन में प्रमुख मांगें विश्वविद्यालय परिसर में स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना। मारपीट में शामिल दोषियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई। बाहरी असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर सख्त नियंत्रण। छात्रावासों की नियमित जांच और नशीले पदार्थों पर रोक। मुख्य द्वार पर सघन जांच व्यवस्था लागू। ये भी पढ़ें: ट्रैक्टर लोन के नाम पर बड़ी ठगी का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई: विश्वविद्यालय प्रशासन
वहीं, इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि छात्र सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है।

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