जिला अस्पताल आगर के एनआईसीयू (NICU) में स्टाफ नर्सों की लापरवाही के चलते दो महिलाओं के नवजात शिशु आपस में बदल गए। ताख़्ला निवासी मंजू बाई और आगर निवासी आफरीन रंगरेज दोनों के बच्चे शनिवार रात लगभग 9 बजे आपस में बदल गए।
दरअसल, रात में जब आफरीन की मां अपने नातिन को लेने पहुंचीं, तो वहां मौजूद स्टाफ नर्स ने गलती से मंजू बाई का बच्चा उन्हें दे दिया। थोड़ी देर बाद जब मंजू बाई के परिजन पहुंचे तो उन्हें आफरीन का बच्चा सौंपा गया। इस पर मंजू बाई की मां ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह उनका बच्चा नहीं है।
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विवाद बढ़ने पर स्टाफ नर्स ने आफरीन के परिजनों के साथ अभद्रता की और उन पर बच्चा चोरी करने का आरोप तक लगा दिया। इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची।
घटना के बाद स्टाफ नर्स व एनआईसीयू का अन्य स्टाफ मीडिया के कैमरे से बचते नजर आया। इस पूरे मामले में जब सिविल सर्जन डॉ. कुरील से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है।
ऐसे हुई पहचान
दरअसल जब विवाद बढ़ने लगा तो,अस्पताल में बच्चों को पैरों में पहनाने वाली नेम प्लेट चेक की गई, जिसमे यह पता चला कि स्टाफ नर्स द्वारा जो बच्चा आफरीन को दिया गया था, वह मंजू बाई और मंजू बाई को दिया गया बच्चा आफरीन का था। वही इस लापरवाही को लेकर सिविल सर्जन डॉ मनीष कुरील ने SNCU इंचार्ज डॉ राहुल सेठिया सहित सात कर्मचारी डॉ. ऋचा सागरिया, प्राची कोटांगले, नमता विश्वकर्मा, तानिया श्रीवास, मनीषा चौधरी, रोशनी दुखी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं इस मामले में अगर यह दोषी पाए गए तो अधिकारी और कर्मचारीयो के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।