मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में स्थित जिला अस्पताल के कैंटीन संचालक ने जहरीले पदार्थ का सेवन करते हुए अपना जीवन समाप्त करने का प्रयास किया है। जिसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे इंदौर रेफर किया गया।
जानकारी के मुताबिक आगर जिला अस्पताल के कैंटीन संचालक विपिन चौहान ने सिविल सर्जन डॉ शशांक सक्सेना से प्रताड़ित होकर जहर खा लिया। बताया जा रहा है कि पीड़ित युवक ने मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित होकर यह कदम उठाया है।
युवक ने उज्जैन जाते समय रास्ते में जहर का सेवन किया, जिसकी सूचना परिजनों को मिलते ही आनन फानन में उसे जिला अस्पताल उज्जैन ले गए। जहां से उसे प्राथमिक उपचार कर इंदौर के एमवाय अस्पताल में रेफर किया गया है।
फिलहाल युवक का उपचार इंदौर के एमवाय अस्पताल में जारी है। वहीं युवक का एक वीडियो जहर खाने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें युवक आगर के सिविल सर्जन डॉ शशांक सक्सेना पर आरोप लगाते हुए कह रहे है कि उन्हें ओर उनकी पत्नी को डॉ शशांक सक्सेना द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। जिसकी लिखित शिकायत कई बार जिला प्रशासन को भी की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने की वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है।
वही जब इस संबंध में जिला अस्पताल सिविल सर्जन डॉ शशांक सक्सेना से बात की गई, तो उन्होंने बताया की मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार है। कैंटीन पूरी तरह नियमों के विपरीत संचालित हो रहा है। यहां कैंटीन संचालन के लिए अनुबंध के हिसाब से जितनी जगह दी गई है, उससे ज्यादा जगह संचालक द्वारा उपयोग की जा रही है। कैंटीन में धूम्रपान वाले उत्पाद बेचे जा रहे हैं। वही कैंटीन में अन्य कई नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी को लेकर मेरे द्वारा कैंटीन संचालक को 14 फ़रवरी को नोटिस दिया गया था।