लखनऊ के गोमती नगर स्थित कठौता झील का जलस्तर लगातार घटने से शहर के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। जल संकट के चलते जलापूर्ति में प्रतिदिन लगभग तीन घंटे की कटौती की जा रही है। जानकारी के अनुसार करीब 15 फीट गहरी कठौता झील में अब केवल लगभग सात फीट पानी ही शेष बचा है। मौजूदा स्थिति में उपलब्ध जल भंडार से अधिकतम एक सप्ताह तक ही व्यवस्था चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद स्थिति और गंभीर हो सकती है। जलस्तर कम होने का सीधा असर गोमती नगर और इंदिरा नगर क्षेत्र की जलापूर्ति पर पड़ रहा है। कई इलाकों में लोगों को निर्धारित समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर जलापूर्ति का दबाव भी कम हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में पानी की कटौती से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने जल संस्थान और प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा जल संकट के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन पर ध्यान देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सके।