लखनऊ के चिनहट में मां सिद्धिदात्री छोहरिया शक्तिपीठ ट्रस्ट की ओर से छोहरिया माता मंदिर परिसर में शनिवार को 26वां सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह भव्यता और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। समारोह में 105 निर्धन एवं जरूरतमंद कन्याओं का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया। मंदिर परिसर देर रात तक शहनाइयों, वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल गीतों से गूंजता रहा। ट्रस्ट के महंत लल्ला बाबा ने बताया कि वर्ष 2000 में इस पहल की शुरुआत केवल पांच कन्याओं के विवाह से हुई थी। समाजसेवियों, दानदाताओं और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह आयोजन अब 105 कन्याओं के विवाह तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए साइकिल, सिलाई मशीन, स्टील बक्सा, टिफिन, बाल्टी, दीवार घड़ी, पंखे, कपड़े, बिस्तर, अटैची, बर्तन, फर्नीचर समेत अन्य घरेलू उपयोग की सामग्री भेंट की गई। शाम करीब सात बजे चिनहट कोतवाली स्थित महाबीरन मंदिर से 105 दूल्हों की भव्य बारात बैंड-बाजे और आकर्षक बग्घियों के साथ निकाली गई। बारात में हजारों की संख्या में परिजन, रिश्तेदार और श्रद्धालु शामिल हुए। नाचते-गाते बाराती जब छोहरिया माता मंदिर की ओर बढ़े तो रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। स्थानीय लोगों ने घरों की छतों से इस अलौकिक दृश्य का आनंद लिया। बारात की वजह से कुछ समय के लिए क्षेत्र में जाम की स्थिति भी बनी रही। मंदिर परिसर में सजे विशाल मंडप में सभी दूल्हों का स्वागत किया गया। इसके बाद ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी युगलों का जयमाल कार्यक्रम संपन्न कराया। जयमाल के बाद सात फेरे और सप्तपदी संस्कार कराए गए, जिसमें सभी नवदंपतियों ने सात जन्मों तक साथ निभाने और पारिवारिक मूल्यों का पालन करने का संकल्प लिया।