गैस की किल्लत के बीच खानपान की दुकानों में से बाटी चोखा का व्यवसाय ऐसा है, जिस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। इस दौरान बाटी चोखा की दुकानों पर भीड़ बढ़ने से उनकी आमदनी भी 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। बालू अड्डे के पास 2007 से बाटी चोखा का ठेला लगाने वाले रंजीत शर्मा ने बताया कि ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। दाम में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। वहीं, डालीबाग में चाय की दुकानों पर गैस सिलिंडर की जगह भट्टियां जल रही हैं। कुछ दुकानदार सिलिंडर न मिलने की वजह से दुकान बंद करके बैठे हैं।