राजधानी लखनऊ में सरोजनी नगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं को रोजगार और कौशल से जोड़ने के लिए एकीकृत रोजगार एवं कौशल मिशन शुरू करने का सुझाव दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री को पत्र भेजकर सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के सहयोग से मिशन चलाने का प्रस्ताव रखा। डॉ. सिंह ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में छह माह तक हर महीने रोजगार एवं कौशल मेले आयोजित करने की बात कही। इनमें सत्यापित कंपनियों को वास्तविक रिक्तियों के साथ बुलाकर वॉक-इन इंटरव्यू और मौके पर चयन की व्यवस्था का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जिम्मेदारी केवल प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी देना नहीं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप देकर रोजगार के लिए तैयार करना भी होनी चाहिए। विधायक ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक को आजीवन कौशल विकास केंद्र बनाने का सुझाव दिया। एआई, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में तीन, छह और 12 माह के उद्योग आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उद्योग को इन पाठ्यक्रमों के डिजाइन और अद्यतन में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए। उनका संदेश है कि उद्योग को केवल प्रतिभा का उपभोग नहीं करना चाहिए, उसे प्रतिभा का निर्माण भी करना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य स्तर पर उद्योगपतियों, सीईओ और कौशल संस्थानों के साथ नियमित रोजगार-कौशल बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया। रोजगार मेलों के आंकड़ों के आधार पर जिलावार रोजगार एवं कौशल मानचित्र तैयार करने और चयन से वंचित युवाओं को ब्रिज कोर्स व प्रशिक्षण से जोड़ने की बात भी कही।