झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के लिए अगला सप्ताह बहुत भारी साबित हो सकता है...क्योंकि अब ज्यादा दिनों तक झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस की सरकार टिकने वाली नहीं है।
माना जा रहा है कि ये सरकार जल्द ही गिर सकती है...और इसके संकेत भी मिलने शुरू हो चुके हैं...जिसको समय रहते ही हेमंत सोरेन ने भांप लिया और सोरेन ने शनिवार को विधायकों की बैठक बुलाई...इसके अलावा कांग्रेस विधायकों के राज्य से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी...साफ तौर पर जाहिर होता है कि पार्टी में बीते कुछ दिनों से जारी उथल-पुथल अब सतह पर दिखाई पड़ रही है...जिस पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब खुद सक्रिय हो चुके हैं, लेकिन यहां बड़ा सवाल यह है कि क्या उनकी यह सक्रियता आगामी दिनों में क्या झारखंड की कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार को मुश्किलों से निजात दिला पाएगी? क्या हेमंत सोरेन को ऑपरेशन लोटस का डर सता रहा है ?
माना जा रहा है कि बीजेपी, ऑपरेशन लोटस के तहत राज्य में बहुत पहले से सरकार को अस्थिर करने की रणनीति पर काम कर रही है... ये ऑपरेशन लोटस ही है जिसके तहत कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने की रणनीति काफी समय से चर्चा में थी...लेकिन पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के तीन विधायकों को कैश के साथ गिरफ्तार होने के साथ उस वक्त नाकाम हो गयी थी..