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Delhi-NCR में बीएस-6 तकनीक वाली गाड़ियों पर भी लगेगा बैन?

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 24 Jul 2025 07:13 PM IST

सुप्रीम कोर्ट 28 जुलाई को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें यह सवाल उठाया गया है कि BS-VI (बीएस-6) मानकों वाली गाड़ियों पर भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पेट्रोल गाड़ियों के लिए 15 साल और डीजल गाड़ियों के लिए 10 साल की तय उम्र सीमा लागू होनी चाहिए या नहीं।
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने गुरुवार को इस याचिका को जल्दी सुनवाई के लिए मंजूरी दी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह मामला बेहद जरूरी है, क्योंकि सरकार कोर्ट के पहले दिए गए निर्देशों को नजरअंदाज करके अपने नियम लागू नहीं कर सकती।
वकील ने दलील दी कि दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही गाड़ियों की उम्र को लेकर जो सीमाएं तय की थीं, सरकार को उन्हें बिना कोर्ट की मंजूरी के बदलने का अधिकार नहीं है। ऐसे में यह साफ किया जाना जरूरी है कि बीएस-6 मानकों को पूरा करने वाली नई तकनीक की गाड़ियों पर भी पुराने नियम लागू होंगे या नहीं।

अब सबकी नजर 28 जुलाई की सुनवाई पर टिकी है, जहां यह तय हो सकता है कि एनसीआर में चल रही नई BS-VI गाड़ियों को भी तय वर्षों के बाद बंद करना पड़ेगा या उन्हें राहत मिलेगी। कानून के अनुसार, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में डीजल वाहनों के लिए वर्तमान एंड ऑफ लाइफ (जीवन अवधि) 10 वर्ष और सभी पेट्रोल वाहनों के लिए 15 वर्ष है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2015 में, भारत के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने निर्देश दिया था कि शहर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को कम करने के प्रयास में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को दिल्ली-एनसीआर में चलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। 
दिल्ली में पुराने वाहनों को लेकर एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी में 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों पर लागू किया गया ईंधन प्रतिबंध फिलहाल 1 नवंबर 2025 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

यह फैसला दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, सीएक्यूएम ने जनता के आक्रोश और तकनीकी कमियों को देखते हुए इस आदेश के क्रियान्वयन को फिलहाल टालने का निर्णय लिया है।

क्या था प्रतिबंध का आदेश?

दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 जुलाई 2025 से एक सख्त नीति लागू की गई थी। इस नीति के तहत:
    •    10 साल पुराने डीजल वाहनों और
    •    15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को
राजधानी में ईंधन नहीं देने का आदेश दिया गया था।

इस प्रतिबंध का दायरा सभी पंजीकृत वाहनों पर लागू था, चाहे वे दिल्ली के हों या किसी और राज्य के।

1 जुलाई को जैसे ही यह नियम लागू हुआ, ईंधन स्टेशनों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कई लोग अपनी गाड़ियां लेकर पेट्रोल पंप पहुंचे लेकिन उन्हें ईंधन नहीं मिला।

तीन दिनों के भीतर ही करीब 80 से अधिक वाहन जब्त किए गए। इनमें 67 दोपहिया, 12 कारें और एक ऑटो शामिल थे।

जनता के विरोध और असुविधा को देखते हुए दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सीएक्यूएम से इस आदेश पर पुनर्विचार करने की अपील की।
 

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