देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहारा देने वाली केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 20वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। अब तक योजना के तहत 19 किस्तें जारी हो चुकी हैं और अब ₹2000 की 20वीं किस्त को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
यह योजना 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी, जिसका मकसद सीमांत और छोटे किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इसके तहत हर साल ₹6,000 रुपये की राशि किसानों को तीन समान किस्तों में दी जाती है — ₹2000-₹2000 करके।
योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। यानी बिचौलियों की भूमिका खत्म और पूरा पैसा किसान के हाथ में।
योजना के तहत हर किस्त करीब चार महीने के अंतराल पर जारी होती है। पिछली यानी 19वीं किस्त फरवरी 2025 में जारी की गई थी। इस हिसाब से 20वीं किस्त जून 2025 तक आनी चाहिए थी। लेकिन जुलाई भी खत्म होने को है, और अब तक किसानों के खाते में पैसे नहीं पहुंचे हैं।
सूत्रों के अनुसार, अब यह किस्त अगस्त के पहले सप्ताह में किसानों के खातों में भेजी जा सकती है। हालांकि सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है, लेकिन संभावना है कि जल्द ही किस्त जारी होने की घोषणा की जाएगी।
जैसा कि योजना के प्रारूप में तय किया गया है, हर किसान को सालाना ₹6,000 रुपये तीन बराबर किश्तों में मिलते हैं। इस बार भी 20वीं किस्त के तहत ₹2000 रुपये किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। यह राशि सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिनके दस्तावेज और विवरण योजना की शर्तों के अनुसार पूरी तरह से वैध और अपडेटेड हैं।
पीएम किसान योजना का लाभ केवल भूमिधारी किसानों को ही दिया जाता है। यानी जिनके नाम जमीन का रिकॉर्ड है। इस योजना से जुड़े किसान इन प्रमुख शर्तों का पालन करते हों:
• किसान के पास वैध खाता संख्या हो
• आधार कार्ड और बैंक अकाउंट लिंक हो
• किसान की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो
• ई-केवाईसी पूरी हो चुकी हो
यदि इन शर्तों में कोई कमी है तो किसान को किस्त नहीं मिलती।
सरकार ने ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। यदि किसी किसान ने अभी तक ई-केवाईसी अपडेट नहीं किया है, तो उसकी किस्त अटक सकती है। ई-केवाईसी कराने के लिए किसान खुद जन सेवा केंद्र या पोर्टल पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
इस योजना में सबसे अहम बात यह है कि पूरी राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे किसान के खाते में ट्रांसफर की जाती है। इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश ना के बराबर रहती है। डीबीटी सिस्टम के जरिए सरकार ने अब तक हजारों करोड़ रुपये सीधे किसानों को भेजे हैं।
पीएम किसान योजना के अंतर्गत अब तक 19 किस्तों में 2 लाख करोड़ से अधिक की राशि किसानों को ट्रांसफर की जा चुकी है। इससे देशभर के 11 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है।
20वीं किस्त के समय से न आने के चलते कई किसानों में चिंता का माहौल है। कुछ का मानना है कि दस्तावेज वेरिफिकेशन में समय लग रहा है, तो कुछ को आशंका है कि बैंक खाता या आधार लिंकिंग में दिक्कत की वजह से किस्त अटकी है।
सरकार की तरफ से बार-बार अपील की जा रही है कि किसान अपने दस्तावेजों की स्थिति पीएम किसान पोर्टल पर जाकर खुद चेक करें और जरूरत हो तो निकटतम जन सेवा केंद्र पर जाकर समाधान कराएं।
जो किसान जानना चाहते हैं कि उनकी किस्त कब आएगी या पिछली किस्त आई थी या नहीं, वे PM-Kisan Portal पर जाकर “Beneficiary Status” सेक्शन में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालकर पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
देश के किसानों के लिए पीएम किसान योजना एक बड़ी राहत है। हालांकि, 20वीं किस्त की देरी ने कई किसानों को असमंजस में डाल दिया है। लेकिन अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त के पहले सप्ताह में ₹2000 की राशि उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। किसानों को चाहिए कि वे अपने दस्तावेज अपडेट रखें, ई-केवाईसी पूरी करें और किसी भी अफवाह से बचें। सरकार का दावा है कि योजना पूरी पारदर्शिता से चलाई जा रही है और जल्द ही किस्त जारी होने की आधिकारिक सूचना भी साझा की जाएगी।