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Nitish Kumar Hijab Controversy: हिजाब विवाद पर ये क्या बोल गए मांझी! Jitan Ram Manjhi on Hijab

Mon, 22 Dec 2025 03:25 PM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब प्रकरण का पटाक्षेप फिलहाल होता नहीं दिख रहा है। नए-नए बयान और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को और भड़का दिया है। आयुष चिकित्सक की कथित ज्वाइनिंग को लेकर किए गए दावे भी अब तक सही साबित नहीं हुए हैं, जिससे विवाद और उलझ गया है। इस बीच राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयानों ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पूरे प्रकरण को बेवजह तूल दिए जाने का मामला बताया। उन्होंने कहा कि पिता और पुत्री के बीच विवाद की बात करना ही गलत है। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार लड़कियों को बेटी की तरह देखते हैं और उनके इरादों पर सवाल खड़े करना अनुचित है।

इसी लाइन पर चलते हुए अब केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी सामने आए हैं। मांझी ने साफ कहा कि यह कोई विवाद का विषय था ही नहीं, लेकिन इसे जानबूझकर बड़ा बनाया जा रहा है। हालांकि, इस दौरान उनका बयान खुद विवादों में घिर गया।

पत्रकारों से बातचीत में मांझी ने एक निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि दिल्ली में उनसे एक महिला पत्रकार ने सवाल पूछा था, जिसके बाल चेहरे पर आ रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर उससे बाल ठीक से रखने को कह दिया जाए तो इसमें गलत क्या है। इसी उदाहरण को जोड़ते हुए मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार ने भी उस महिला चिकित्सक से यही कहा था कि वह आगे डॉक्टर बनेगी, लोगों से मिलेगी, ऐसे में चेहरा खुला रखना कोई बड़ी बात नहीं है।

मांझी ने नीतीश कुमार की उम्र का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई 20–25 साल का युवक इस तरह की बात कहता तो उस पर गलत नीयत का शक हो सकता था, लेकिन 74 साल का बूढ़ा आदमी अगर यह पूछ ले कि मुंह क्यों ढंका हुआ है, तो इसमें गलत क्या है। उनके इस बयान को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

मांझी यहीं नहीं रुके। उन्होंने धमकी देने वालों पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे ही “कठमुल्ला” लोग समाज को बर्बाद करते हैं और आपसी सौहार्द बिगाड़ते हैं। इस शब्द के इस्तेमाल पर भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। हालांकि, मांझी ने यह भी कहा कि वे महिला आयुष चिकित्सक को धन्यवाद देते हैं कि वह नौकरी ज्वाइन करने जा रही है।

इस विवाद ने बिहार से निकलकर झारखंड तक सियासी रंग ले लिया है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने महिला चिकित्सक को तीन लाख रुपये सैलरी और मनचाही पोस्टिंग का ऑफर दे दिया, जिस पर जदयू ने तीखा पलटवार किया। वहीं सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अंसारी के बयान से खुद को अलग कर लिया है।

कुल मिलाकर, हिजाब प्रकरण अब सिर्फ एक प्रशासनिक या व्यक्तिगत मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बयानबाजी, धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सोच के टकराव का मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।

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