दिवाली की चमकदार रात उस वक्त मायूस हो गई जब खबर आई कि अभिनेता और कॉमेडियन असरानी अब इस दुनिया में नहीं रहे। 84 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली और अपने पीछे छोड़ गए अनगिनत यादें, हंसी के वो पल जो पीढ़ियों तक लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाते रहेंगे।
फिल्म इंडस्ट्री से लेकर आम दर्शकों तक हर कोई स्तब्ध है। सोशल मीडिया पर हर तरफ सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है असरानी।
सिनेमा के इतिहास में असरानी वह नाम हैं जिन्होंने हंसी को अभिनय की सबसे सुंदर भाषा बना दिया। उनकी कॉमिक टाइमिंग, उनकी मासूमियत और उनके चेहरे की सहजता ने उन्हें दर्शकों के दिल में बसा दिया।
“शोले” का तानाशाह जेलर हो या “छोटी सी बात” का भोला प्रेमी, “अभिमान” का गंभीर किरदार हो या “हेरा फेरी” का मज़ेदार पुलिसकर्मी — असरानी हर रूप में जिए और हर किरदार को अमर कर दिया।
दिवाली के दिन उनका जाना सिर्फ मनोरंजन जगत का नुकसान नहीं, बल्कि हंसी की आत्मा का बुझ जाना है।
अभिनेता अक्षय कुमार ने असरानी के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक्स (Twitter) पर लिखा, “असरानी जी के निधन से निःशब्द हूं। एक हफ्ते पहले ही ‘हैवान’ की शूटिंग के दौरान हमने एक-दूसरे को गले लगाया था। उनका मेरे करियर और फिल्म इंडस्ट्री पर गहरा प्रभाव रहा है।”
अक्षय ने उन्हें न सिर्फ एक को-स्टार, बल्कि एक गुरु समान बताया जो हर सेट पर माहौल को हल्का बना देते थे।
अनुपम खेर ने असरानी के साथ एक्टिंग स्कूल में हुई पहली मुलाकात को याद करते हुए लिखा, “वो केवल कॉमेडियन नहीं थे, वो अभिनय के विश्वविद्यालय थे। उनसे मिलना हमेशा सीखने जैसा अनुभव होता था।”
वहीं राजपाल यादव ने अपनी फिल्मों के कुछ दृश्यों की झलक साझा की और लिखा, “आपने हमें सिखाया कि हंसी सबसे सच्ची कला है। आपकी आवाज, आपका चेहरा, आपका अंदाज़ हमेशा ज़िंदा रहेगा।”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने असरानी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी। वे उन कलाकारों में थे जो हर पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बने रहे।”
वहीं “शोले” के निर्देशक रमेश सिप्पी ने कहा, “यह बेहद दुखद खबर है। असरानी उस भूमिका के लिए बने थे। ‘शोले’ में तानाशाह जेलर का रोल उन्होंने इस तरह निभाया कि वह दृश्य भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर हो गया।”
जैकी श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर लिखा, “शांति मिले असरानी जी। आपने हमें हमेशा मुस्कुराने की वजह दी।”
वहीं आयुष्मान खुराना ने लिखा, “एक ऐसा कलाकार जो हर किरदार में सादगी और आत्मा भर देता था। आपकी हंसी हमारे साथ हमेशा रहेगी।”
छह दशकों से ज्यादा का करियर, 300 से अधिक फिल्में, अनगिनत किरदार और हर चेहरे पर मुस्कान असरानी सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि भारत की हंसी की विरासत थे।
उनका जाना भारतीय सिनेमा के उस युग का अंत है जब कॉमेडी सिर्फ हंसी नहीं, एक भाव होती थी जो दिल से निकलती थी और दिल तक पहुंचती थी।
दिवाली की रात, जब आसमान रोशनी से भरा था, तब फिल्म इंडस्ट्री का आसमान एक सितारा खो बैठा। असरानी अब नहीं हैं, लेकिन उनके संवाद, उनकी हंसी और उनका जीवंत चेहरा हमेशा ज़िंदा रहेगा।
वो गए जरूर, पर हर बार जब पर्दे पर कोई हंसी गूंजेगी असरानी वहीं होंगे, मुस्कुराते हुए।