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West Bengal Governor Resigns: बंगाल के राज्यपाल के इस्तीफे पर भाजपा-TMC में मचा सियासी घमासान!

Fri, 06 Mar 2026 02:54 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

बंगाल में राज्यपाल के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है और इस मुद्दे पर Bharatiya Janata Party (भाजपा) और All India Trinamool Congress (टीएमसी) के बीच तीखा सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। हाल ही में राज्यपाल C. V. Ananda Bose के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर दिए। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर से गर्म कर दिया है और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह विवाद और भी गहरा सकता है।

टीएमसी नेताओं का कहना है कि राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच पिछले कुछ समय से लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई थी। राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की सरकार और राज्यपाल के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आते रहे हैं, जिनमें प्रशासनिक फैसले, विश्वविद्यालयों में नियुक्तियां और कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं। टीएमसी का आरोप है कि राज्यपाल अक्सर केंद्र सरकार के इशारे पर काम करते थे और राज्य सरकार के कामकाज में अनावश्यक हस्तक्षेप करते थे। पार्टी के नेताओं का कहना है कि राज्यपाल के इस्तीफे से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य में संवैधानिक पदों को लेकर भी राजनीतिक दबाव काम कर रहा था।

वहीं दूसरी ओर भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्यपाल ने हमेशा संविधान के अनुसार काम किया और राज्य में कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी सरकार को राज्यपाल की सख्ती और सवालों से परेशानी थी, इसलिए वह लगातार उनके खिलाफ बयानबाजी करती रही। भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि टीएमसी सरकार राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और प्रशासनिक समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच पहले से ही तीखी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा है और ऐसे में राज्यपाल के इस्तीफे का मामला दोनों दलों के लिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। आने वाले चुनावों को देखते हुए भी दोनों पार्टियां इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से जनता के सामने रखने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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