पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है, ताकि चुनाव परिणामों की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने मतगणना से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जहां बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की तैनाती शामिल है। इसके साथ ही, हर केंद्र पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर बनी रहे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतगणना हॉल में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी और सभी को पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। EVM और VVPAT मशीनों की सुरक्षा के लिए स्ट्रॉन्ग रूम से लेकर मतगणना टेबल तक एक तय प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है, जिसमें सील की जांच, उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी और हर चरण की पारदर्शी निगरानी शामिल है। CEO ने अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना फैलने से रोकने के लिए सतर्क रहें और केवल आधिकारिक जानकारी ही साझा करें। उन्होंने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि भ्रामक खबरों को समय रहते रोका जा सके।
इसके अलावा, मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करें। कुल मिलाकर, राज्य में मतगणना को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है और प्रशासन का जोर इस बात पर है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा बना रहे।