राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला और राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं का मुद्दा उठाया। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य में हत्या, लूट, महिलाओं के खिलाफ अपराध और राजनीतिक हिंसा के मामलों में वृद्धि चिंता का विषय है, और इसके लिए राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।
उन्होंने विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और प्रशासन अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहा है। राजनाथ सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में राजनीतिक संरक्षण के कारण अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती, जिससे उनका मनोबल बढ़ता है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार निष्पक्ष और कठोर रुख अपनाए, तो अपराधों में कमी लाई जा सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई और कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए, लेकिन बंगाल में स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है।
इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि केंद्र कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर राज्यों के साथ सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन इसके लिए राज्य सरकारों को भी इच्छाशक्ति दिखानी होगी।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए राज्य की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहा है। तृणमूल नेताओं का दावा है कि बंगाल में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है और सरकार अपराध के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं और अपनी-अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।