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West Bengal Divas: बंगाल दिवस पर ड्रोन शो ने जीता दिल, माँ दुर्गा से रवीन्द्रनाथ टैगोर तक की दिखीं आकृतियां

Sun, 21 Jun 2026 12:58 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह ने राज्य की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को एक नए और आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आयोजित ड्रोन शो कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में रात के आसमान को सैकड़ों ड्रोन ने रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया और पश्चिम बंगाल की पहचान, संस्कृति तथा भारत के विकास की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। ड्रोन शो के दौरान सबसे पहले गंगासागर की दिव्य छवि दिखाई गई, जिसने बंगाल की धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाया। इसके बाद माँ काली और माँ दुर्गा की भव्य आकृतियाँ आसमान में उभरीं, जिन्हें देखकर उपस्थित लोगों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ उनका स्वागत किया। शो में महान संत और समाज सुधारक रामकृष्ण परमहंस, आध्यात्मिक गुरु परमहंस योगानंद तथा विश्वविख्यात संन्यासी स्वामी विवेकानंद की छवियाँ भी प्रदर्शित की गईं। इसके साथ ही नोबेल पुरस्कार विजेता कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर की आकृति ने बंगाल की साहित्यिक और बौद्धिक परंपरा की याद दिलाई।

ड्रोन शो में देश के विकास और राष्ट्रीय नेतृत्व को भी विशेष स्थान दिया गया। आसमान में नरेंद्र मोदी की छवि दिखाई गई, वहीं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की आकृति भी प्रदर्शित की गई। भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिह्न कमल के फूल, विभिन्न योगासनों तथा “विकसित भारत” की परिकल्पना को दर्शाने वाले दृश्य भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। ड्रोन तकनीक और सांस्कृतिक संदेशों के इस अनूठे संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समारोह केवल ड्रोन शो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें बंगाल की समृद्ध लोकसंस्कृति का भी शानदार प्रदर्शन किया गया। विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने लोकगीत, बाउल संगीत, छऊ नृत्य और पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियाँ दीं। रंग-बिरंगी वेशभूषा, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक झांकियों ने दर्शकों को बंगाल की विविधता और गौरवशाली विरासत से परिचित कराया। पूरे आयोजन में आधुनिक तकनीक और परंपरा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। पश्चिम बंगाल दिवस का यह समारोह न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव बना, बल्कि उसने युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और विकसित भारत के सपने के प्रति प्रेरित करने का भी महत्वपूर्ण संदेश दिया।

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