देश के कई राज्यों में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, और हरियाणा में आने वाले दिनों में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है, विशेषकर उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों जैसे वाराणसी, प्रयागराज, और मऊ और आसपास के जिलों में। यह स्थिति चक्रवाती तूफान 'मोंथा' (जो अब कमजोर पड़ गया है) के अवशेषों और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के कारण बनी हुई है।
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार में इस समय मौसम ठंडा हो रहा है और सर्दियों का आगमन स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। तापमान में क्रमिक गिरावट देखी जा रही है, और कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। सुबह और देर रात के समय कोहरा और धुंध का प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) कम हो रही है, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में। इस कोहरे के कारण सुबह के समय गलन भी महसूस हो रही है।
इस क्षेत्र में पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का प्रभाव देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में पारा और नीचे जाने की संभावना है और शीतलहर का असर बढ़ सकता है। हालांकि, दिन के समय कुछ राज्यों में हल्की धूप खिली रह सकती है, जो थोड़ी राहत प्रदान करती है। इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी चिंता वायु प्रदूषण बनी हुई है, खासकर दिल्ली-एनसीआर में, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर बना हुआ है, जिससे सुबह के समय सांस लेना मुश्किल हो रहा है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों जैसे जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी जारी है या बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे मैदानी इलाकों में भी ठंडक बढ़ी है।