चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल (WB ) में राजनीतिक बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिम बंगाल ((WB ) की राजनीति में 'परिवर्तन' और 'प्रतिशोध' की जंग एक बार फिर सड़कों पर उतर आई है। 2026 के विधानसभा चुनावों की आहट ने राज्य के सियासी तापमान को इतना बढ़ा दिया है कि अब राजधानी कोलकाता की गलियाँ भी हिंसा की लपटों से अछूती नहीं रही हैं। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। घटना कोलकाता के दक्षिण-पश्चिमी बाहरी इलाके सखेरबाजार की है, जहां एक स्थानीय क्लब की ओर से कथित तौर पर तेज आवाज में माइक के इस्तेमाल को लेकर झड़प हो गई। इस दौरान एक अस्थायी मंच, जिसे त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने दोपहर में एक जनसभा को संबोधित किया था, उसे भी कथित तौर पर झड़प के दौरान आग लगा दी गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाया गया।
इधर, बेहाला पुरबा निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी विधायक रत्ना चटर्जी ने दावा किया कि बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान कुछ भाजपा समर्थकों ने क्लब के सदस्यों के साथ बदसलूकी की। क्लब का दौरा करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह आरोप लगाया। वहीं स्थानीय भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ गुंडों ने सखेरबाजार में उस अस्थायी मंच में आग लगा दी, जहां से बिप्लब देब ने दिन में पहले रैली को संबोधित किया था। यह मंच बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की 'परिवर्तन संकल्प यात्रा' के तहत लगाया गया था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का मुकाबला करने के लिए 11 सदस्यीय संकल्प समिति की घोषणा की है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि समिति चुनाव से पहले पार्टी की चुनावी रणनीति का समन्वय करेगी।बूथ-स्तरीय बैठकों में राज्य सरकार की ध्रुवीकरण और तुष्टीकरण की राजनीति का मुकाबला करेगी। इस घटना के बाद दोनों ही दलों ने एक-दूसरे पर तीखे हमले बोले हैं। बेहाला पुरबा से टीएमसी विधायक रत्ना चटर्जी ने घटना स्थल का दौरा किया और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान भाजपा समर्थकों ने क्लब के सदस्यों के साथ बदसलूकी की, जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। चटर्जी के अनुसार, यह भाजपा की ओर से उकसावे की कार्रवाई थी