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Wangchuk New Video: देर रात अस्पताल से वीडियो जारी कर भड़के वांगचुक,अपनी मौत किसे बताया जिम्मेदार?

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Sat, 25 Jul 2026 01:17 AM IST

शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद शुक्रवार देर रात अस्पताल से एक भावुक और तीखी प्रतिक्रिया वाला वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो में वांगचुक काफी नाराज नजर आए और उन्होंने दावा किया कि भूख हड़ताल खत्म होने के बावजूद उन्हें लगभग तीन घंटे तक अस्पताल में जबरन रोककर रखा गया। अस्पताल से बाहर निकलते समय उन्होंने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि यदि लगातार तनाव और दबाव के कारण उनकी मौत हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी उन लोगों पर होगी जिन्होंने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी में हिम्मत है तो वह उन्हें गिरफ्तार कर सकता है, लेकिन उन्हें इस तरह अनावश्यक रूप से रोककर रखना उचित नहीं है। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि भी उनके साथ दिखाई दीं और पूरे घटनाक्रम के दौरान उनके साथ मौजूद रहीं।

सोनम वांगचुक ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर इस वीडियो को साझा करते हुए सरकार और प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "क्या 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद भी मुझे अपनी ईमानदारी साबित करने की जरूरत है?" इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने यह संकेत दिया कि उनके आंदोलन और मंशा पर लगातार संदेह जताया जा रहा है, जबकि उन्होंने अपने मुद्दों के लिए लंबा और शांतिपूर्ण संघर्ष किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस वीडियो को अधिक से अधिक देखें और साझा करें ताकि उनकी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके। वांगचुक ने यह भी बताया कि एक्स पर साझा की गई क्लिप केवल एक छोटा हिस्सा है, जबकि पूरा 22 मिनट का वीडियो उनके यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि पूरी घटना और अपनी बात को सही संदर्भ में समझने के लिए पूरा वीडियो देखें।

वीडियो में वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनहित और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर था। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। अस्पताल से बाहर निकलते समय उनके चेहरे पर नाराजगी और निराशा साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को लगता है कि उन्होंने कोई गलत काम किया है, तो कानूनी कार्रवाई की जाए, लेकिन इस तरह दबाव बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनके इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। समर्थकों ने उनके साहस और संघर्ष की सराहना की, जबकि कई लोगों ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। वहीं, कुछ लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की। वांगचुक का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक तथा सामाजिक हलकों में भी इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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