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Vande Bharat: रेलवे ने किया160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर 'कवच' का परीक्षण, रेल हादसों पर लगेगी लगाम?

Sat, 31 Jan 2026 02:30 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

भारतीय रेलवे ने हाल ही में ‘कवच’ (Kavach) नामक स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर सफल परीक्षण कर देश के रेल परिवहन में एक ऐतिहासिक सुरक्षा मील का पत्थर स्थापित किया है। यह परीक्षण खासतौर पर तेज़ रफ़्तार और उच्च-घनत्व वाले रेल मार्गों पर ट्रेन सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया, जहां दुर्घटनाओं और टक्कर की घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। ‘कवच’ एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है जो सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीडिंग और संभावित टकराव जैसी स्थितियों में चालक की चूक होने पर स्वतः ही ब्रेक लागू कर ट्रेन को रोकने की क्षमता रखता है, जिससे मानवीय त्रुटियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस तकनीक को 160 किमी/घंटा की अधिकतम गति पर सफलतापूर्वक ट्रायल के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से संचालित किया गया, जिसमें सिस्टम ने ट्रेन को निर्धारित सिग्नल से पहले स्वतः रोकने का प्रदर्शन भी किया, जिससे इसके क्रियान्वयन की क्षमता और प्रभावशीलता स्पष्ट हुई।

रेलवे की यह पहल ‘मिशन रफ़्तार’ और ‘शून्य दुर्घटना’ लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिसमें आधुनिक तकनीकों और इंजीनियरिंग समाधानों के माध्यम से रेल सुरक्षा को नई ऊँचाइयों पर ले जाया जा रहा है। ‘कवच’ सिस्टम न केवल गति नियंत्रण और ब्रेकिंग नियंत्रण में मदद करेगा, बल्कि यह ट्रेन की वास्तविक-समय निगरानी, सिग्नल और ट्रैक से निरंतर संचार, तथा संभावित खतरनाक परिस्थितियों का पूर्व चेतावनी देने में भी सक्षम है। ऐसे में यह प्रौद्योगिकी भविष्य में भारतीय रेल नेटवर्क पर होने वाली टक्कर, मानवीय भूल और दुर्घटनाओं के जोखिम को काफी कम करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

इसके अलावा, रेलवे ने आधुनिक ‘कवच 4.0’ संस्करण का विस्तार अपने नेटवर्क पर जारी रखा है, जिसके तहत सैकड़ों किलोमीटर रूट पर इसे लागू किया जा चुका है और आने वाले महीनों में और भी अधिक ट्रेनों तथा ट्रैक खंडों पर इस प्रणाली को तैनात करने की योजना है। इसके व्यापक कार्यान्वयन से यात्रियों के लिए यात्रा और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी तथा रेल सेवाओं की समय-बद्धता और परिचालन दक्षता में भी सुधार होगा। कुल मिलाकर, 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर ‘कवच’ का सफल परीक्षण भारतीय रेलवे की सुरक्षा प्रणालियों में तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, जो आने वाले वर्षों में रेल दुर्घटनाओं पर काफी हद तक लगाम लगाने में सक्षम साबित होगा।

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