उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जहां उत्तराखंड के कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं, वहीं हिमाचल में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने दोनों राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड के धराली और हर्षिल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है मौसम विभाग ने दोनों राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड के धराली और हर्षिल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में हालात गंभीर हो गए हैं वहीं भारी बारिश के कारण भागीरथी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है औऱ लगातार बढ़ रहा है. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. वहीं उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्य ने बताया "हमारे पास सिंचाई टीम, यूजेवीएनएल टीम और सेना का एक अलर्ट सिस्टम है, जिसके ज़रिए हमने सबको अलर्ट कर दिया है... जहां भी कोई संभावित ख़तरा होता है, हम उन्हें भी अलर्ट कर देते हैं... अभी कोई अलर्ट नहीं है।"
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद कई प्रकार के प्राकृतिक बदलाव देखने को मिले हैं। एक तरफ खीर गंगा के किनारे का क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो गया है। वहीं, खीर गंगा और तेलगाड से बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए मलबे और उखड़े हुए पेड़ों के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया। इससे एक किलोमीटर लंबा जलाशय बन गया है। इसको लेकर अब तरह-तरह की आशंका जताई जा रही है। इससे निपटने की योजना तैयार की जा रही है। दरअसल, उत्तरकाशी जिले में 5 अगस्त को बादल फटने के बाद हर्षिल के पास भागीरथी नदी पर एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी झील जैसी एक जलाशय बन गई है। इसके बाद अधिकारियों ने तत्काल जल निकासी अभियान शुरू कर दिया है। यह कदम क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच उठाया गया है। वहां अधिकारी अचानक पानी जमा होने से होने वाले संभावित खतरों को कम करने के लिए काम कर रहे हैं।