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UP Kanwar Yatra 2025: कांवड़ यात्रा पर यूपी सरकार की गाइडलाइन जारी तो फिर मच गया सियासी बवाल!

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Mon, 30 Jun 2025 05:45 PM IST

सावन आते ही माहौल में कुछ अलग सी खुमारी देखने को मिल जाती है, ऊपर से कांवड़ यात्रा का नाम सुन ले इंसान तब तो दिल और दिमाग में एकदम जोश सा भर जाता है। ये कोई आम यात्रा नहीं है, ये तो शिवभक्तों के लिए जैसे साल का सबसे बड़ा त्योहार है। इसी महोत्सव के बाद से शुरू होते हैं देश के असली फेस्टिवल। आस्था का असली इम्तिहान लेने वाली कांवड़ यात्रा, इस साल जुलाई के महीने से शुरू होने वाली है। जो भक्त हर साल कावंड लेने जाते हैं, वो तिथि का इंतजार करते हैं, तो बता दें इस साल कांवड़ यात्रा 11 जुलाई 2025 से शुरू होने वाली है।

वहीं  उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान खानपान और दुकानदारों की पहचान को लेकर जारी सियासी और कानूनी लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने वर्ष 2024 में कांवड़ यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की आस्था की सुरक्षा और कथित खाद्य मिलावट रोकने के लिए कई कड़े फैसले किए. वर्ष 2025 में भी कांवड़ यात्रा से पहले यह फैसले लिए गए. कांवड़ यात्रा पर इन फैसलों का सिलसिला साल 2024 से शुरू हुआ जो अब तक जारी है. वहीं इसी मामले को लेकर यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राज्य की योगी सरकार पर निशाना साधा है. क्या कुछ कहा है उन्होंने खुद सुनिए आप उन्हीं जुबानी 

अब 2025 में कावंड़ यात्रा से पहले फिर निर्देश जारी किए गए हैं. कांवड़ यात्रा 11 जुलाई 2025 से शुरू होने से पहले 25 जून को सीएम योगी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि कांवड़ मार्गों पर खुले में मांसाहारी भोजन की बिक्री पर सख्त रोक रहेगी. सभी विक्रेता अपने नाम, पते और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करेंगे. जुलूस के मार्गों पर प्रतिबंधित जानवरों का प्रवेश रोका जाएगा. खाद्य वस्तुओं की कीमतें तय की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं से मनमानी वसूली न हो.

कांवड़ यात्रा से ठीक पहले यूपी के मुजफ्फरनगर में हंगामा खड़ा हो गया. स्वामी यशवीर जी महाराज द्वारा कांवड़ मार्ग पर चलाए जा रहे 'पहचान अभियान' में शनिवार को उस समय बवाल मचा जब एक टीम दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 स्थित पंडित जी वैष्णो ढाबे पर पहुंची.  यहां टीम ने जब ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारियों से उनके आधार कार्ड मांगे तो कर्मचारियों ने कार्ड नहीं दिखाए. शक होने पर जब टीम ने ढाबे पर लगे बारकोड को स्कैन किया तो उसमें मालिक का नाम मुस्लिम समुदाय से आया. आपको बता दें कि सावन की शुरुआत 11 जुलाई शुक्रवार से हो रही है, उसी दिन से कांवड़िए भी शिवभक्त के रंग में डूबने के लिए तैयार हो जाएंगे। इसी दिन से कांवड़ यात्रा की शुरुआत होगी। अब पंचांग की मानी जाए तो श्रवण कृष्ण प्रतिपदा 11 जुलाई को तड़के 2:06 बजे शुरू होगी और अगले दिन 12 जुलाई को 2:08 बजे तक चलेगी।

इसका मतलब है 11 जुलाई से कांवड़िए बम बम भोले के जयकारों के साथ अपनी यात्रा शुरू कर सकेंगे। इस बार की कांवड़ यात्रा पूरे 13 दिन चलेगी। शुरुआत होगी सावन कृष्ण प्रतिपदा से और खत्म हो जाएगी सावन कृष्ण चतुर्दशी को। बता दें, शिवरात्रि के खास दिन पर ही लोग जलाभिषेक करते हैं। पूरे सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाना अच्छा माना जाता है, लेकिन कावड़िए इस दिन का अलग ही इंतजार करते हैं। बता दें, ये तिथि 11 जुलाई से शुरू होगी और 23 जुलाई शिवरात्रि के दिन खत्म होगी। कांवड़ यात्रा में कई प्रमुख रास्ते शामिल हैं। हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री इसके मुख्य शुरूआती स्थल माने जाते हैं।

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