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Twisha Sharma Case: क्यों निलंबित हुआ त्विषा शर्मा के पति का लाइसेंस, BCI के अध्यक्ष ने बताई ये बड़ी वजह?

Sat, 23 May 2026 05:06 PM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

 बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने त्विशा शर्मा केस पर कहा, "समर्थ सिंह का लाइसेंस हमने सस्पेंड किया है। मामला बहुत गंभीर था शुरुआती जांच के अनुसार समर्थ ने पत्नी की हत्या की। ट्विशा शर्मा के परिवार के अनुसार से भी.उनको सस्पेंड करने का कारण ये भी हुआ की वे भागे हुए हैं। जांच में भी शामिल नहीं हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की बात भी है। आप एक वकील होकर सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते। आपको जांच में सहयोग करना चाहिए था। जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करना चाहिए था।"

मनन कुमार मिश्रा ने चर्चित ट्विशा शर्मा मामले पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि आरोपी समर्थ सिंह का वकालत का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में मामला बेहद गंभीर प्रतीत हो रहा है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह सामने आया है कि समर्थ सिंह पर अपनी पत्नी ट्विशा शर्मा की हत्या का आरोप है। मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि आरोपी के व्यवहार और जांच में सहयोग न करने की वजह से भी की गई है।

उन्होंने कहा कि ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से लगातार गंभीर आरोप लगाए गए हैं और जांच एजेंसियों को दिए गए तथ्यों को भी ध्यान में रखा गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया का मानना है कि किसी भी अधिवक्ता से कानून और न्याय व्यवस्था के प्रति जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। लेकिन इस मामले में समर्थ सिंह कथित रूप से फरार रहे और जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।

मनन कुमार मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि जब कोई व्यक्ति वकील होता है, तो उससे कानून के प्रति अधिक जवाबदेही की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिवक्ता जांच से बचने की कोशिश करे या सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका पैदा हो, तो यह न्याय व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति होती है। इसी कारण बार काउंसिल ने समर्थ सिंह का लाइसेंस निलंबित करने का फैसला लिया।

उन्होंने आगे कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक और अधिवक्ता होने के नाते समर्थ सिंह को जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए था। कानून से भागने या जांच से दूरी बनाने की बजाय उन्हें सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए था। बार काउंसिल का मानना है कि न्यायिक व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना हर वकील की जिम्मेदारी है और यदि कोई अधिवक्ता उस मर्यादा का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाना आवश्यक हो जाता है।

इस बयान के बाद ट्विशा शर्मा केस को लेकर कानूनी और राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है। मामले में पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
 

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