अमेरिका की राजनीति में एक नई और दिलचस्प जंग छिड़ चुकी है — एलन मस्क बनाम डोनाल्ड ट्रंप। एक तरफ मस्क हैं, जो ट्रंप के ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ को लेकर मुखर विरोध कर रहे हैं, तो दूसरी ओर ट्रंप हैं, जिन्होंने अब खुलकर एलन मस्क की कंपनियों को मिलने वाली सब्सिडी बंद करने की धमकी दे डाली है। ट्रंप ने तो यहां तक कह दिया कि मस्क अपनी दुकान बंद करें और दक्षिण अफ्रीका लौट जाएं। सवाल उठता है — ट्रंप ने अचानक ये धमकी क्यों दी? दोनों ने सारे गिलेशिकवे भुलाने के बाद वापस दुश्मनी की डगर पर क्यों चल पड़े हैं? चलिए करते हैं डिकोड और इन सवालों के जवाब जानते है।
अमेरिकी राजनीति में इन दिनों दो ताकतवर हस्तियों के बीच तनातनी चरम पर है। डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2024 के संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार, अब खुलकर एलन मस्क के खिलाफ आ गए हैं। दोनों के बीच यह लड़ाई ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ को लेकर है — ट्रंप समर्थित वह प्रस्तावित कानून, जिसे लेकर मस्क लगातार मुखर विरोध कर रहे हैं।
बिल में सरकारी खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग से जुड़े कई प्रावधान हैं, लेकिन एलन मस्क का कहना है कि यह बिल सरकारी धन का दुरुपयोग है और इसका समर्थन करने वाले सांसदों को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
एलन मस्क ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ट्रंप के बिग ब्यूटीफुल बिल को खुले तौर पर भ्रष्ट और खर्चीला बताया। मस्क ने लिखा: “कांग्रेस का हर सदस्य, जो इस बिल का समर्थन कर रहा है, वह अमेरिका को कर्ज के दलदल में धकेल रहा है। अगर यह बिल पास हुआ तो मैं अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी लॉन्च करूंगा ताकि अमेरिकी जनता को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट के अलावा भी विकल्प मिल सके।”
उन्होंने यह भी कहा कि जो भी सांसद इस बिल के पक्ष में वोट देंगे, उन्हें 2026 के प्राइमरी चुनावों में हार का सामना करना पड़ेगा।
एलन मस्क के इस तीखे हमले पर डोनाल्ड ट्रंप ने भी देर नहीं की और ट्रुथ सोशल पर बेहद आक्रामक पोस्ट साझा किया। ट्रंप ने कहा: “एलन मस्क को राष्ट्रपति पद के लिए मेरा समर्थन करने से पहले ही पता था कि मैं ईवी जनादेश के खिलाफ हूं। ये बकवास है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां ठीक हैं, लेकिन हर किसी पर उन्हें थोपा नहीं जा सकता।”
इसके साथ ही ट्रंप ने मस्क की कंपनियों को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी पर सवाल उठाया और कहा: “एलन मस्क को इतिहास में किसी भी व्यक्ति से ज्यादा सब्सिडी मिली है। अगर वो बंद हो जाए तो मस्क को अपनी दुकान समेटकर दक्षिण अफ्रीका लौट जाना पड़ेगा।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि NASA, SpaceX, Tesla और अन्य मस्क से जुड़ी कंपनियों को मिलने वाली सरकारी मदद अब खतरे में पड़ सकती है।
एलन मस्क की कंपनियों को अमेरिका सरकार की तरफ से पिछले एक दशक में अरबों डॉलर की सब्सिडी मिली है। इसमें सबसे ज्यादा फंडिंग Tesla की इलेक्ट्रिक कारों के लिए और SpaceX को रॉकेट लॉन्च के लिए मिली है।
ट्रंप का कहना है कि अगर मस्क सरकार के खिलाफ जाकर ऐसे बिलों का विरोध करेंगे और राजनीतिक खेल खेलेंगे, तो सरकारी सब्सिडी पर पुनर्विचार जरूरी हो जाएगा।
मस्क ने पहली बार इतनी खुलकर अमेरिका की दोनों प्रमुख पार्टियों को चुनौती दी है। उन्होंने कहा: “देश को एक तीसरे राजनीतिक विकल्प की ज़रूरत है। डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों जनता से कट चुके हैं। अगर बिग ब्यूटीफुल बिल पास होता है, तो मैं अगले ही दिन नई पार्टी लॉन्च करूंगा।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मस्क की पार्टी मध्यम वर्ग और तकनीक-प्रेमी युवा वोटरों को आकर्षित कर सकती है, जिससे दोनों प्रमुख दलों को नुकसान हो सकता है।
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि ट्रंप और मस्क दोनों अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
• ट्रंप चाहते हैं कि उद्योगपति उनका समर्थन करें और उनके एजेंडे को बढ़ावा दें।
• वहीं मस्क खुद को स्वतंत्र विचारधारा वाले इनोवेटर और राष्ट्रनिर्माता के तौर पर पेश करना चाहते हैं।
इसलिए दोनों के बीच यह लड़ाई अब नीतियों से निकलकर व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच गई है।
ट्रंप और मस्क की यह लड़ाई सिर्फ एक बिल को लेकर नहीं है — यह राजनीतिक शक्ति, तकनीकी वर्चस्व और भविष्य की दिशा को लेकर है। अमेरिका जैसे देश में जब दो बड़े प्रभावशाली लोग आमने-सामने हों, तो असर सिर्फ राजनीति पर नहीं, आर्थिक नीतियों और ग्लोबल बाजार पर भी पड़ता है। यह जंग अभी खत्म नहीं हुई, बल्कि अब इसका असली चेहरा सामने आ रहा है।