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Trump Tariff On India: भारत ने कैसे निकाला ट्रंप टैरिफ का तोड़? | AmarUjala | PM Modi

वीडियो डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 16 Sep 2025 02:06 PM IST

ट्रेड डील को लेकर हाल के कुछ दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप के रुख में बड़ा बदलाव आया है, जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं। ट्रंप टैरिफ के बम के बीच अब मामला बातचीत की टेबल तक आ पहुंचा है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा रूसी तेल पर टैरिफ लगाने के बाद दोनों देश पहली बार व्यापारिक मुद्दों पर आमने-सामने बातचीत करेंगे. अमेरिकी व्यापार अधिकारियों का एक दल नई दिल्ली आया है. जिसका नेतृत्व ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं. इसके पहले भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते को लेकर लगातार तनातनी बनी रही. हालात यह रहे कि लोग डरते रहे कि आने वाले महीनों में टैरिफ जंग न शुरू हो जाए. इस बीच एक कनेक्शन की चर्चा है जिसकी वजह से दोनों देश साथ आ गए हैं. अब बात करने को तैयार हैं.

वाणिज्य मंत्रालय के बड़े अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली में दोनों देशों की टीमों के बीच व्यापारिक बातचीत होगी. ये मीटिंग द्विपक्षीय रिश्तों में उलटफेर का संकेत दे रही है और FTA पर ब्रेकथ्रू की उम्मीद जगा रही है. भारत के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा, "अमेरिकी टीम मंगलवार को हमारी टीम से मिलेगी." वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने भी कन्फर्म किया कि दोनों तरफ व्यापार मुद्दों पर "पॉजिटिव फ्रेम ऑफ माइंड" है. ये मीटिंग छठे राउंड की बातचीत  का रास्ता साफ कर सकती है, जो पहले 25 अगस्त को दिल्ली में होने वाली थी. लेकिन ट्रंप ने 7 अगस्त को भारत पर 25% सजा टैरिफ और 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया, जो कुल मिलाकर अमेरिका के किसी भी ट्रेडिंग पार्टनर पर सबसे ज्यादा था. ऊपर से 27 अगस्त से रूसी तेल खरीदने पर अतिरिक्त लेवी चालू हो गई. भारत ने इसे "अनुचित और बेबुनियाद" बताया. ये मंगलवार की मीटिंग पांचवें राउंड (जो जुलाई में वॉशिंगटन में हुई थी) के बाद पहली फेस-टू-फेस हाई-लेवल बातचीत होगी.

 भारत-अमेरिका के बीच ट्रैड टॉक पर दोबारा चर्चा शुरू होने का मुख्य कारण दोनों देशों के नेताओं डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध (कनेक्शन) को माना जा रहा है. अन्यथा, ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ के कारण 'टैरिफ जंग' (व्यापार युद्ध) और भी गहरा हो सकता था.  दोनों देशों के बीच माहौल तो तब ही बदलना शुरू हुआ जब इस महीने ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी ने एक-दूसरे की तारीफ की. ट्रंप ने मोदी को "ग्रेट प्राइम मिनिस्टर" कहा और दोनों ने ट्रेड नेगोशिएशंस पूरा करने का भरोसा जताया.फिर गुरुवार को अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने कहा, "भारत के साथ सब सुलझ जाएगा, बस वे रूसी तेल खरीदना बंद करें." ट्रंप के भारत राजदूत नामित सर्जियो गोर ने सीनेट हियरिंग में कहा कि दोनों देश टैरिफ विवाद सुलझाने में "बहुत करीब" हैं. 

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