संसद भवन परिसर में ई-सिगरेट पीने का मामला बुधवार को अचानक राजनीतिक तूफान में बदल गया। लोकसभा में बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि टीएमसी का एक सांसद कई दिनों से लोकसभा परिसर में ई-सिगरेट पी रहे हैं। उन्होंने नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान के तुरंत बाद टीएमसी सांसदों ने सदन में शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे माहौल गरमा गया।
सदन की कार्यवाही के तुरंत बाद इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय संसद भवन परिसर में धूम्रपान करते कैमरे में कैद हो गए। उसी दौरान उनकी केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से बात भी हुई, जिसकी रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
जब सौगत रॉय अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तभी मीडियाकर्मियों ने उनसे ई-सिगरेट को लेकर सवाल पूछे। इस पर वे तिलमिला गए और पत्रकारों को डांटते हुए बोले, “आपको जवाब देने की कोई जिम्मेदारी मेरी नहीं है। जो दिखाना है, दिखाइए। संसद भवन के अंदर सिगरेट नहीं पी सकते, लेकिन परिसर में पी सकते हैं। टीएमसी का कोई सांसद अंदर पी रहा है, वह अलग बात है।”
इसके बाद भी वे रुके नहीं। उन्होंने आगे कहा, “शेखावत हमारा स्पीकर है क्या, जो हम उसे जवाब दें? मंत्री को खुश करना चाहते हैं तो कोई भी खबर दिखाइए।” सौगत रॉय के इन बयानों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
भाजपा ने इस मुद्दे को संसद की गरिमा से जोड़ते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सांसदों का आचरण सार्वजनिक संदेश तय करता है और संसद जैसे संवैधानिक संस्थान में इस तरह का व्यवहार अनुचित है।
ई-सिगरेट पर सरकार पहले ही प्रतिबंध लगा चुकी है, ऐसे में संसद परिसर में इसका इस्तेमाल और उससे जुड़े राजनीतिक बयान अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुके हैं।