Tej Pratap Yadav ने बुधवार को बिहार की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर दी है, क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है, बल्कि राज्य की महिलाओं और बेटियों को सुरक्षा की सबसे अधिक जरूरत है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि बिहार में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। उनके अनुसार, राज्य में बहू-बेटियां सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं, जो किसी भी सरकार के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है तो सरकार को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में संबोधित करते हुए Samrat Choudhary पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि बिहार में अपराधी खुलेआम तांडव मचा रहे हैं, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और प्रशासनिक तंत्र अपराध पर अंकुश लगाने में असफल साबित हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह कैसा प्रशासन और कैसा मुख्यमंत्री है, जिसके शासनकाल में जनता को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल पा रहा है। तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि बिहार की आम जनता खुश और संतुष्ट नहीं है, क्योंकि लोग रोजमर्रा की जिंदगी में असुरक्षा और प्रशासनिक उदासीनता का सामना कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से अपराध नियंत्रण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की तथा कहा कि जनता की सुरक्षा किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है। उनके अनुसार, यदि सरकार अपराध पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है तो उसे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए। अपने बयान के माध्यम से तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया कि बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे बेहद गंभीर हैं और सरकार को इन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विपक्ष इन मुद्दों को जनता के बीच लगातार उठाता रहेगा और सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास करेगा।