बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार तेज प्रताप यादव को पटना के सिटी सेंटर मॉल के पास से पुलिस अपने साथ लेकर गई। शुरुआत में उन्हें दानापुर थाना ले जाया गया, लेकिन जब पत्रकारों और उनके समर्थकों के बड़ी संख्या में वहां पहुंचने की सूचना मिली, तो पुलिस ने उन्हें राजधानी के एक अन्य थाने में शिफ्ट कर दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी और लगातार बदलते घटनाक्रम के कारण पूरे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान एसपी लॉ एंड ऑर्डर, टीएसपी पश्चिमी संकेत कुमार सहित आधा दर्जन थानों की पुलिस मौके पर मौजूद थी। सूत्रों के मुताबिक, तेज प्रताप यादव को एक थाने से दूसरे थाने ले जाया जाता रहा ताकि किसी तरह की भीड़ या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। इस अभियान में एएसपी कोमल मीणा की टीम भी सक्रिय रूप से शामिल रही और पूरी कार्रवाई की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई।
हिरासत में लिए जाने से कुछ घंटे पहले तेज प्रताप यादव छात्रों के आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचकर उनके समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और उनकी मांगों का समर्थन किया। इसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा संदेश साझा किया, जिसमें छात्रों की आवाज उठाने और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है और उनकी पार्टी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी। तेज प्रताप यादव ने अपने संदेश में देशभर के युवाओं से एकजुट रहने की अपील भी की।
इसी दौरान तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अभिजीत दीपके को भी बिहार आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके बिहार आकर यहां के छात्रों, युवाओं और आम लोगों की वास्तविक समस्याओं को करीब से देखें तथा राज्य की मौजूदा परिस्थितियों को समझें। तेज प्रताप ने कहा कि बिहार की आवाज पूरे देश तक पहुंचनी चाहिए और इसके लिए सामाजिक तथा डिजिटल माध्यमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके इस निमंत्रण को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। वहीं, उनकी हिरासत को लेकर समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और छात्र आंदोलन के साथ-साथ तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी तथा अभिजीत दीपके को दिए गए निमंत्रण की चर्चा राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों मंचों पर तेजी से हो रही है।