चुनाव आयोग की तरफ से बड़ा प्लान रेडी किया गया है। इस बीच देश भर में विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण का एलान कर दिया गया है। खबरों की मानें तो आयोग ने 12 राज्यों में SIR के दूसरे चरण को लेकर बताया है कि 7 फरवरी 2026 तक ये पूरा हो जाएगा। यानी 7 फरवरी 2026 को नई मतदाता सूची सामने आ जाएगी। वहीं फ्रीज की गई सूची पर भी अपडेट दिया है। बताया गया कि सभी मतदाताओं को बीएलओ विशिष्ट गणना प्रपत्र देंगे। इन गणना प्रपत्रों में वर्तमान मतदाता सूची के सभी आवश्यक विवरण होंगे। बीएलओ द्वारा मौजूदा मतदाताओं को प्रपत्र वितरित करने के बाद, जिन लोगों के नाम गणना प्रपत्रों में हैं, वे यह मिलान करने का प्रयास करेंगे कि क्या उनका नाम पिछले एसआईआर की सूची में था। यदि हां, तो उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। वे सिर्फ प्रपत्र भरकर जमा कर दें। यदि उनके माता-पिता का नाम सूची में था, तब भी उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं देना। 2002 से 2004 तक के एसआईआर वाली मतदाता सूची voters.eci.gov.in पर कोई भी देख सकता है, और स्वयं मिलान कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए, चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर से संबंधित अपने 9 सितंबर के आदेश के अनुसार, आधार को 12 दस्तावेजों की सूची में शामिल कर लिया है। आधार पर स्थिति स्पष्ट करते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, जहां तक आधार कार्ड का संबंध है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आधार का उपयोग आधार अधिनियम के अनुसार किया जाना है। आधार अधिनियम की धारा 9 कहती है कि आधार निवास या नागरिकता का प्रमाण नहीं होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने कई बार यह निर्णय दिया है कि आधार जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए, आधार प्राधिकरण ने अपनी अधिसूचना जारी की और आज भी, यदि आप नया आधार डाउनलोड करते हैं, तो कार्ड पर उल्लेख है कि यह न तो जन्मतिथि, न ही निवास या नागरिकता का प्रमाण है।