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Shivraj singh chauhan News:किसानों की आय बढ़ाने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने तैयार किया प्लान!

Mon, 23 Jun 2025 01:59 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

भोपाल स्थित आईसीएआर-केंद्रीय कृषि इंजीनियरिंग संस्थान (CIAE) का आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दौरा किया. इस दौरान संस्थान के वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि भारतीय कृषि के विकास में CIAE का योगदान सराहनीय है. उन्होंने कहा कि छोटे किसानों के लिए अनुकूल और किसान-हितैषी तकनीकों के विकास की गति को और तेज करना जरूरी है, ताकि देश के हर कोने तक आधुनिक यंत्रीकरण पहुँच सके.

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने हाल के वर्षों में संस्थान द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, संस्थान के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP) नेटवर्क के माध्यम से अगले दस वर्षों के लिए यंत्रीकरण की रूपरेखा तैयार की जाए. इससे विकसित भारत अभियान की दिशा में देश एक बड़ा कदम उठा सकेगा.

श्री चौहान ने छोटे इंजन या वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से चलने वाली कृषि मशीनरी और सेंसर आधारित प्रणालियों के विकास पर बल दिया, ताकि सभी वर्ग के किसानों को समावेशी लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि खेती में तकनीकी नवाचार के साथ-साथ, किसानों की जरूरत के मुताबिक तकनीकों का खेत तक पहुँचना भी उतना ही जरूरी है.

शिवराज सिंह चौहान ने देश के विभिन्न हिस्सों में किसान मेले आयोजित करने और सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर राष्ट्रीय यंत्रीकरण की रणनीति तैयार करने की बात के साथ ही यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी और उनकी समस्याओं का समाधान भी निकलेगा.

श्री चौहान ने खाद्य सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य और ‘लैब टू लैंड’ ट्रांसफर की महत्ता को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि कृषि विकास के लिए खाद्य सुरक्षा और मृदा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि टिकाऊ और स्वस्थ कृषि प्रणाली विकसित हो सके.


केंद्रीय मंत्री ने संस्थान द्वारा विकसित ट्रैक्टर चालित प्लास्टिक मल्च लेयर-कम-प्लांटर सहित अन्य तकनीकों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की. उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीकी उपलब्धियां किसानों की मेहनत और लागत दोनों में कमी लाएँगी और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी. श्री चौहान ने कहा कि भारतीय कृषि को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए हमें किसानों की जरूरतों के अनुसार तकनीकी नवाचार, मृदा स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और यंत्रीकरण पर फोकस करना होगा. सभी वैज्ञानिकों और संस्थानों को मिलकर काम करना है, ताकि छोटे किसान भी तकनीकी लाभ से वंचित न रहें.


आईसीएआर-सीआईएई द्वारा विकसित ट्रैक्टर चालित प्लास्टिक मल्च लेयर-कम-प्लांटर में ऊंची क्यारियों का निर्माण, ड्रिप लेटरल और प्लास्टिक मल्च बिछाना तथा मल्च के नीचे बीज बोने का कार्य मैन्युअल रूप से करना कठिन, समयसाध्य और श्रमसाध्य होता है, जिसमें लगभग 29 मानव-दिन/हेक्टेयर की आवश्यकता होती है.

इन सभी कार्यों को एक साथ करने के लिए ट्रैक्टर चालित प्लास्टिक मल्च लेयर-कम-प्लांटर विकसित किया गया है. इस यंत्र में ट्रैक्टर की हाइड्रोलिक प्रणाली का उपयोग करके हाइड्रोलिक मोटर (385 न्यूटन मीटर) तथा चेन-स्प्रोकेट ट्रांसमिशन सिस्टम के माध्यम से एक्सेंट्रिक स्लाइडर क्रैंक मैकेनिज्म संचालित किया जाता है, वहीं बीज मापने की इकाई में वैक्यूम ट्रैक्टर के पीटीओ से चलने वाले एस्पिरेटर ब्लोअर द्वारा तैयार किया जाता है.
 

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