उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के एक दावे ने सूबे की सियासत में हलचल मचा दी है। राजभर ने महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम का हवाला देते हुए दावा किया कि अब अगला नंबर उत्तर प्रदेश का है और समाजवादी पार्टी (सपा) में जल्द ही एक बहुत बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव के परिवार के 4-5 लोगों—जैसे डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, और शिवपाल व रामगोपाल के बेटों को छोड़कर—बाकी सभी नेता और सांसद सपा छोड़ने के लिए तैयार बैठे हैं। राजभर ने अखिलेश यादव के ही एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि खुद सपा प्रमुख मान रहे हैं कि जो कमजोर और डरपोक होंगे, वे आने वाले दिनों में अलग हो जाएंगे।
राजभर के इस बड़े दावे पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने जोरदार पलटवार किया है। शिवपाल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी का कोई भी सांसद या विधायक अलग नहीं होने वाला है। राजभर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग सिर्फ अपनी टीआरपी बढ़ाने और चुनाव के दौरान सीटें बटोरने के लिए इस तरह की मनगढ़ंत बातें करते हैं। शिवपाल यादव ने तंज कसते हुए यहाँ तक कह दिया कि राजभर को ट्वीट करने के भी पैसे मिलते हैं, इसलिए वे लगातार झूठ बोलते हैं, और आज पूरे उत्तर प्रदेश में ओम प्रकाश राजभर को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है। फिलहाल इस सियासी बयानबाजी ने यूपी के राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है।