राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी (AAP) के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने रामपुर से अमरोहा तक 'वोट बचाओ-संविधान बचाओ' नामक एक पदयात्रा की घोषणा की है। यह पदयात्रा 21 दिसंबर से शुरू होकर 26 दिसंबर 2025 तक चलेगी, जिसकी अवधि कुल छह दिन की होगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को संविधान बचाने का संदेश देना और उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर असली वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की साजिश का विरोध करना है।
संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश चल रही है, जिसे उन्होंने 'वोट की डकैती' बताया है। उन्होंने दावा किया कि लखनऊ, जौनपुर और रामपुर जैसे जिलों में मतदाताओं के नाम जानबूझकर गड़बड़ियों के तहत हटाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि 'एसआईआर' (SIR) प्रक्रिया के नाम पर, जो डेथ (Death), परमानेंट शिफ्टेड (Permanently Shifted) और अनट्रेसेबल (Untraceable) जैसी श्रेणियों के तहत मतदाताओं को हटाने के लिए उपयोग की जाती है, असली मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि कुछ सफाईकर्मियों को, जिनके पास सभी वैध दस्तावेज थे, उन्हें भी 'बांग्लादेशी' बताकर शहर खाली करने का नोटिस दिया गया और उनके वोट काटे जा रहे हैं। सांसद संजय सिंह के अनुसार, इस पदयात्रा का दूसरा विषय संविधान बचाओ भी है, क्योंकि उनके मत से संविधान में दिए गए बराबरी, सम्मान और धर्मनिरपेक्षता के अधिकार पर हमला हो रहा है। उत्तर प्रदेश में SIR के माध्यम से Vote की डकैती का अभियान चल रहा है, उसे रोकने के लिए पदयात्रा रामपुर से अमरोहा तक की जाएगी। संविधान में रोजगार, बराबरी और धर्मनिरपेक्षता का अधिकार दिया गया है, इस पदयात्रा में इन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। ये देश संविधान से चलेगा, किसी बाबा के फरमान से नहीं चलेगा। हालांकि संजय सिंह कई और मुद्दों पर खुलकर बोले हैं।