फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sanchar Saathi App Explained: क्या Pegasus जैसा है संचार साथी एप? जानिए नए एप का सच

वीडियो डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम Updated Tue, 02 Dec 2025 02:35 PM IST

डीओटी की रिलीज के मुताबिक संचार साथी एप को लेकर साफ कहा गया है कि स्मार्टफोन निर्माता इस बात को सुनिश्चित करें कि ऐप को न तो डीएक्टिवेट किया जाए और न ही इस पर किसी तरह की पाबंदियां लगें. तो चलिए जानते हैं क्या है ये एप। डीओटी की इस रिलीज के मुताबिक इसमें साफ कहा गया है कि स्मार्टफोन निर्माता इस बात को सुनिश्चित करें कि ऐप को न तो डीएक्टिवेट किया जाए और न ही इस पर किसी तरह की पाबंदियां लगें. हालांकि इसी बीच टेलिकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ये एप डिलीट किया जा सकता है। यानि जो इस एप को अपने फोन में रखना चाहता है वो रखे नहीं तो डिलीट कर दे। दरअसल इस एप पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था। विपक्ष का कहना था कि ये पेगासस प्लस है. बिग ब्रदर हमारे फोन में घुस जाएगा और हमारी पूरी निजी जिंदगी में भी ताक-झांक करेगा.' कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल से लेकर प्रियंका गांधी ने कहा कि ये निजता पर केंद्र सरकार का हमला है. लोगों को मदद करने के लॉजिक को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों की मदद के बहाने बीजेपी सरकार लोगों की निजता पर हमला कर रही है।  भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से कहा है कि अब सभी नए स्मार्टफोन के अंदर संचार साथी एप को निश्चित रूप से प्री इंन्स्टॉल करे. केंद्र का दावा है कि उसका यह कदम साइबर ठगी रोकने, चोरी के फोन खोजने, फेक सिम को रोकने और फर्जी IMEI पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी है. तो अगर आप डॉट की वेबसाइट पर जाएंगे तो आपको दिखेगी संचार साथी एप की स्लाइड जहां पर साफ लिखा है। कि ये एक बेवसाइट भी है और फोन के लिए एक एप भी। 

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें