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यूपी फिर शुरू होगा बारिश का दौर, अगले पांच दिन के लिए अलर्ट जारी

Wed, 10 Sep 2025 10:26 AM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

उत्तर प्रदेश के तराई और दक्षिणी इलाकों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के मुताबिक मानसूनी ट्रफ लाइन ने दोबारा यूपी का रुख किया है और यह फिलहाल बाराबंकी के पास से गुजर रही है। इसके असर से मंगलवार को ही कई जिलों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई, वहीं बुधवार से अगले चार से पांच दिनों तक लगातार मौसम का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बुधवार को यूपी के तराई और दक्षिण के 32 जिलों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश होगी। इन इलाकों में वज्रपात (लाइटनिंग) की संभावना भी जताई गई है। जिन जिलों में अलर्ट है, उनमें चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर शामिल हैं।

लखनऊ मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी ट्रफ रेखा के दोबारा यूपी में प्रवेश करने के कारण तराई और पूर्वी जिलों में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और उमस से भी आंशिक राहत मिलेगी। हालांकि, लगातार नमी बढ़ने से किसानों और ग्रामीण इलाकों में लोगों को सतर्क रहना होगा।

बारिश से सबसे ज्यादा राहत किसानों को मिलने वाली है। धान, गन्ना और मक्का की फसलें इस समय पानी की मांग कर रही थीं। कई जगहों पर बुआई देर से हुई थी, ऐसे में यह बारिश फसलों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार भारी बारिश होने पर जलभराव और फसलों में बीमारी की आशंका भी बढ़ सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था पहले से कर लें।

वज्रपात की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीण इलाकों में अक्सर खुले मैदान, पेड़ों या खंभों के पास खड़े रहने से हादसे होते हैं। विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक के समय घरों से बाहर निकलने से बचें और मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग खुले में न करें।

लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में बारिश से जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ने की संभावना है। नगर निगम और जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। लखनऊ और वाराणसी में नालों की सफाई का काम तेज किया गया है ताकि पानी का बहाव बाधित न हो।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने जनता से अपील की है कि लोग मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखें। आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। स्कूलों में भी बच्चों को वज्रपात से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों में बारिश का रुझान बरकरार रहेगा। उसके बाद ट्रफ लाइन की स्थिति के आधार पर पूर्वानुमान अपडेट किया जाएगा। फिलहाल तराई और पूर्वी यूपी में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी के जिलों में भी रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रहेगी।

कुल मिलाकर, यूपी के तराई और दक्षिणी जिलों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बारिश जहां किसानों के लिए राहत की खबर लेकर आई है, वहीं वज्रपात और जलभराव जैसी चुनौतियां भी सामने हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में यह बारिश कई इलाकों के लिए वरदान साबित हो सकती है, बशर्ते लोग मौसम की मार से बचाव के उपाय करते रहें।

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