फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rahul Gandhi: वोट चोरी के आरोपों के बाद Rahul Gandhi ने अब क्या बोल दिया? | Amar Ujala

Tue, 23 Sep 2025 05:20 PM IST
तन्मय बरनवाल अमर उजाला, नोएडा

राहुल गांधी ने एक बार फिर हमला बोला है वोट चोरी को लेकर उठाए सवालों के बीच अब उन्होंने बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है जिसकी चर्चा तेज है कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक देश में चुनाव ईमानदारी से नहीं होंगे और वोट चोरी होती रहेगी, तब तक युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ेगा। बता दे की विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर हिंदी में पोस्ट करते हुए लिखा कि आज के समय में भारत के युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है और यह सीधे-सीधे वोट चोरी से जुड़ी हुई है। राहुल गांधी ने कहा, 'जब कोई सरकार जनता का भरोसा जीतकर सत्ता में आती है, तो उसका पहला कर्तव्य युवाओं को रोजगार और अवसर उपलब्ध कराना होता है। लेकिन भाजपा ईमानदारी से चुनाव नहीं जीतती। वे सत्ता में बने रहने के लिए वोट चुराते हैं और संस्थाओं को अपने नियंत्रण में रखते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

इस बीच राहुल गांधी ने कहा है की सरकारी नौकरियों में भर्ती की प्रक्रिया ठप हो गई है,परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं और हर भर्ती घोटाले की कहानियां भ्रष्टाचार से जुड़ी होती हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'देश के युवा मेहनत करते हैं, सपने देखते हैं और अपने भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा और पीआर का जिक्र किया उन्होंने कहा की कभी मशहूर हस्तियों से अपनी तारीफ करवाने में, तो कभी बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में। सरकार की पहचान अब युवाओं की उम्मीदें तोड़ने और उन्हें हताश करने वाली बन चुकी है।' उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया खैर ये पहली बार नहीं है जब राहुल इस तरह के बयान दे रहे हो इससे पहले भी कई मामलों को लेकर वो सरकार पर हमलावर नजर आए है हाल ही में वोट चोरी को लेकर एक प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने कई सवाल उठाए और जमकर निशाना साधा। पर चुनाव आयोग ने इसका जवाब दिया था। 

 

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें