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Rahul Gandhi on Amit Shah: राहुल गांधी के 'फायरिंग' वाले बयान का सपा ने किया खुलकर समर्थन!

Thu, 30 Jul 2026 04:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की है, क्योंकि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में सीधे तौर पर गृह मंत्री का नाम लिया और पूछा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई का आदेश किसने दिया। उनके अनुसार, जैसे ही उन्होंने यह मुद्दा उठाया, सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिससे उनकी बात पूरी नहीं हो सकी।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान जो भी कथित बर्बरता हुई, उसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में सरकार को छात्रों और युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि चर्चा के दौरान व्यवधान पैदा करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर मुद्दों पर खुली बहस से बचने की कोशिश की जा रही है और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जा रहा।

राहुल गांधी के समर्थन में समाजवादी पार्टी भी खुलकर सामने आ गई। सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण के दौरान बार-बार हस्तक्षेप किया गया, जिससे वे अपने सवाल पूरे तरीके से नहीं रख सके। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी के भाषण के बीच में बार-बार हस्तक्षेप हुआ। वे सवाल पूछना चाहते थे कि किसने लाठी बरसाई, किसने आदेश दिया? सदन में न गृह मंत्री आए, न प्रधानमंत्री आए। हम उन्हीं से सवाल का जवाब चाहते थे।"

पुष्पेंद्र सरोज ने आगे आरोप लगाया कि सरकार इस विषय पर विस्तृत चर्चा कराने से बच रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री की ओर से जल्दबाजी में जवाब दिला दिया गया और उसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। उनके अनुसार, यदि सरकार चाहती तो शाम तक चर्चा जारी रखकर विपक्ष के सवालों का जवाब दे सकती थी। उन्होंने कहा, "3 बजे सदन स्थगित हो गया। 6 बजे तक का समय चर्चा के लिए दिया जा सकता था, लेकिन सरकार चर्चा नहीं कराना चाहती।"

इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद में परीक्षा प्रणाली, छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। विपक्ष सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि वह परीक्षा सुधार और छात्रों के हित में आवश्यक कदम उठा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।

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