हत्या के मामले में नई जानकारी सामने आई है। राधिका यादव खेल के साथ अभिनय के क्षेत्र में भी नाम कमाना चाहती थी। एल्बम के एक गीत कारवां यूं ही चलता रहा मेरा, दिन भी यूं ढलता रहा मेरा, फिर तुम्हारी याद आई हमको... में उनकी प्रतिभा खूब सराही गई। सोशल मीडिया पर इस गीत को हजारों लोगों ने पसंद किया। राधिका की मौत के बाद इस गीत के कई क्लिप और गानों की लाइन को काटकर रील वायरल की जा रही है। खेल के साथ अभिनय के क्षेत्र में भी राधिका प्रतिभाशाली थी। एल्बम के एक गीत ''कारवां यूं ही चलता रहा मेरा, दिन भी यूं ढलता रहा मेरा, फिर तुम्हारी याद आई हमको...'' में उसकी प्रतिभा खूब सराही गई। सोशल मीडिया पर इस गीत को हजारों लोगों ने पसंद किया।
राधिका की मौत के बाद इस गीत के कई क्लिप और गानों की लाइन को काटकर रील वायरल की जा रही है।खेल के मैदान पर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाने वाली टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव के जीवन का अंत इतना दर्दनाक होगा, शायद ही किसी ने सोचा होगा। खेल के बाद कला के क्षेत्र में भी नाम कमाने के लिए राधिका खूब मेहनत करती थी। गीत कारवां में उसका अभिनय तारीफ-ए-काबिल था। यह कला क्षेत्र में राधिका की शुरूआत थी।कुछ महीने पहले राधिका के कंधे में चोट आई थी, जिसके चलते वह अभ्यास नहीं कर पा रही थी। बताया जा रहा है कि राधिका के पिता ने ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत टेनिस एकेडमी बनाया था। राधिका गानों के साथ ही रील बनाने की भी कोशिश करती थी।
इसमें उसकी खेल से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां रहती थीं।अकादमी खोलने के बाद राधिका के पिता नाराज हो गए थे। उनका कहना था कि गांव में जब वह कभी निकलते हैं तो गांव वाले उसे बेटी की कमाई खाने संबंधी बात कहते हैं। इस बात को लेकर पिता दीपक काफी परेशान रहता था। बीते 15 दिनों से पिता व बेटी में टेनिस अकादमी को लेकर झगड़ा चल रहा था।मृतक राधिका का नाम एक युवक भी जोड़ा जा रहा है, जोकि इन दिनों विदेश में रह रहा है। यही युवक राधिका के साथ फिल्माए गए गीत में भी दिख रहा है। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले में कुछ कहने से बच रही है।टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव के साथ युवक ने तीन मिनट का गाने शूट किया था। उधर, युवक ने यह बात साफ की है कि उसका नाम राधिका के साथ जोड़ा जाना गलत है, क्योंकि वह राधिका से सिर्फ दो बार ही मिला है।